हिमाचल में बीते 45 दिन में 512 लोगों की कोरोना से मौत, 28,000 से ज्यादा नए मामले - हिमाचल दिसंबर कोरोना केस
हिमाचल में नवंबर के मुकाबले दिसंबर में बढ़े कोरोना केस और जान गंवाने वाले आंकड़े. बीते 45 दिनों में 512 लोगों की कोरोना के कारण मौत हुई है. वहीं, 28,137 नए कोरोना केस दर्ज किए गए हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक 62 फीसदी लोगों की मौत बीते 45 दिन में हुई है और कुल कोरोना मामलों में से 56 फीसदी मामले भी इन्ही 45 दिनों में सामने आए हैं.
हिमाचल में कोरोना बेलगाम
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Published : Dec 16, 2020, 11:02 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के आंकड़ों में लगातार हो रही बढ़ोतरी सरकार और प्रशासन की चिंताएं बढ़ा रही है. सरकार-प्रशासन की ढ़िलाई और लोगों की लापरवाही कोरोना संक्रमण को सीधा निमंत्रण दे रही है. सरकार-प्रशासन लोगों से नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है, जो जमीनी स्तर पर कारगर नजर नहीं आ रही है. एक समय पर लगभग न के बराबर कोरोना संक्रमण वाले राज्य में कोरोना मरीजों का कुल आंकड़ा 50 हजार के पार पहुंच चुका है. जबकि कोरोना के चलते मरने वालों का आंकड़ा 830 के पार पहुंच चुका है.
बीते 45 दिनों में आए अब तक के 56 फीसदी मामले
प्रदेश में अब तक संक्रमण के कुल आंकड़ों में 56 फीसदी मामले बीते 45 दिनों में रिपोर्ट किए गए हैं. हिमाचल प्रदेश में एक नवंबर को कोरोना का आंकड़ा 22,059 था और 15 दिसंबर आते-आते यह 50,196 तक पहुंच गया. यानी 28,137 कोरोना केस इन्ही 45 दिनों में दर्ज किए गए हैं, जोकि कुल आंकड़ों का 56 फीसदी हिस्सा है.
बीते 45 दिनों में 512 संक्रमितों ने गंवाई
अनलॉक के बीच गतिविधियों को पटरी पर लाने की कवायद में कोरोना से नियंत्रण हट गया और आज स्थिति यह है कि देशभर में जहां पहले के मुकाबले मामलों में गिरावट आ रही है तो वहीं हिमाचल प्रदेश में मामलों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
बीते 45 दिनों में 512 कोरोना संक्रमितों ने दम तोड़ा है. एक नंवबर तक 312 लोगों की कोरोना से मौत हुई थी. 15 दिसंबर तक यह आंकड़ा 824 पहुंच गया. जिसका मतलब है कि अब तक के कोरोना से मरने वाले लोगों में से 62 फीसदी लोगों की जान बीते 45 दिनों में गई है.
दिसंबर में कोरोना की रफ्तार बेलगाम
नवंबर माह के पहले 15 दिन में 7,654 और दिसंबर माह के पहले 15 दिन में 9,678 कोरोना मामले सामने आए. यानी दिसंबर में नवंबर के मुकाबले 2024 कोरोना मामले दर्ज किए गए.
इसके अलावा कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ा बहै. नंवबर के पहले 15 दिनों में 123 लोगों ने दम तोड़ा था, वहीं दिसंबर में यह आंकड़ा बढ़कर 189 पहुंच गया.
दिनांक
कुल मामले
मौतें
दिनांक
कोरोना केस
मौतें
01 दिसंबर
709
21
01 नवंबर
205
08
02 दिसंबर
663
11
02 नवंबर
334
10
03 दिसंबर
837
18
03 नवंबर
334
08
04 दिसंबर
578
13
04 नवंबर
433
11
05 दिसंबर
905
13
05 नवंबर
444
06
06 दिसंबर
553
11
06 नवंबर
430
04
07 दिसंबर
739
07
07 नवंबर
573
06
08 दिसंबर
504
14
08 नवंबर
674
06
09 दिसंबर
729
12
09 नवंबर
711
07
10 दिसंबर
773
08
10 नवंबर
611
12
11 दिसंबर
651
20
11 नवंबर
610
09
12 दिसंबर
597
10
12 नवंबर
765
06
13 दिसंबर
424
08
13 नवंबर
825
11
14 दिसंबर
676
12
14 नवंबर
322
08
15 दिसंबर
435
11
15 नवंबर
383
11
कुल
9678
189
कुल
7654
123
कौन है जिम्मेदार?
लॉकडाउन के बाद प्रदेश की सीमाएं खुलने के साथ प्रदेश में कोरोना के लिए भी द्वार भी खुल गया. सूबे के मुखिया जयराम ठाकुर ने कोरोनो संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों का जिम्मेदार शादी समारोह में लगने वाली भीड़ को बताया और विपक्ष ने भाजपा की राजनीतिक रैलियों को. विपक्ष ने संक्रमण फैलने से रोकने में सरकार को असफल बताते हुए कोरोना से निपटने में अवैज्ञानिक करार दिया. सरकार और लोगों ने कोरोना के इस न्यू नॉर्मल को कुछ इस तरह जीवन में उतारा कि जागरूकता होने के बावजू़द कोरोना को धत्ता करार दे दिया गया.
संक्रमण के मामलों में वृद्धि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बिस्तर भी कम पड़ गए जिसके बाद सूबे के स्वास्थ्य महकमे ने कोरोना मरीजों के लिए होम आइसोलेशन का प्रावधान किया. प्रदेश में अब तक की कोरोना की स्थिति पर नजर डाली जाए तो बीते महीनों में स्थिति बद से बदतर हुई है और फिलहाल सरकार भी स्थिति पर काबू पाने में सक्षम नजर नहीं आ रही है.