शिमला: हिमाचल भाजपा को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है. जानकारी के मुताबिक नाम तय हो चुका है, केवल मात्र घोषणा की औपचारिकता शेष है. जिसके लिए लोहड़ी के बाद केंद्रीय पर्यवेक्षकों की दो सदस्यों की टीम केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और पार्टी राष्ट्रीय सचिव हिमाचल आएंगे.
जिनकी निगरानी में चुनाव प्रक्रिया सम्पन होगी. उम्मीद लगाई जा रही है कि 19 जनवरी को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले हिमाचल को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा. मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने भी इसके संकेत दिए हैं. इसके साथ प्रदेश से 4 डेलीगेट्स का चुनाव भी उसी दिन होना है जो कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में हिस्सा लेंगे.
पार्टी पर वर्चस्व की जंग की वजह से सहमति न बनने के बीच भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव तय कार्यक्रम के मुताबिक नहीं हो सका. इसके अलावा अंतिम समय में पार्टी ने सारे कार्यक्रम स्थगित कर अपना पूरा ध्यान नागरिकता संशोधन कानून पर जानत को जागरूक करने पर लगा दिया था जिसका असर भी प्रदेशाध्यक्ष के चुनावों पर पड़ा है.
प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पार्टी अध्यक्ष सतपाल सत्ती, संगठन मंत्री पवन राणा व बाकी नेताओं के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं. धर्मशाला में विधानसभा के शरदकालीन सत्र के दौरान भी इस मसले में पर भाजपा नेताओं, मुख्यमंत्री व मंत्रियों के बीच कई स्तरों पर मंत्रणा हुई है. लेकिन पूरा जोर लगाने के बावजूद भी किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन रही है.
पार्टी किसी तेज तर्रार नेता को जो मुख्यमंत्री जयराम के खेमे से न हो उसे भाजपाध्यक्ष की कमान नहीं थमाना चाहती. जबकि धूमल खेमा चाहता है कि सरकार से तो उनके खेमे को पहले ही बाहर कर रखा है,ऐसे में कम से कम भाजपाध्यक्ष उनके खेमे से बनाया जाए. लेकिन इसके लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हामी नहीं भर रहे है.
फिलहाल समझा जा रहा है कि किसी भी मंत्री को प्रदेशाध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा. धूमल रणधीर शर्मा को तो जयराम ठाकुर कुल्लू से राम सिंह के पक्ष में है. अगर भाजपाध्यक्ष को सबसे बड़े जिला कांगड़ा से बनाने का फैसला हुआ तो अब कृपाल परमारका नाम आगे किया जा रहा है.
हालांकि पहले यहां से स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार का नाम और उसके बाद उद्योग मंत्री बिकम सिंह ठाकुर का नाम भी भाजपाध्यक्ष के लिए चला था, लेकिन भाजपा में किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है.