चंबा:हिमाचल प्रदेश में शीतकालीन के स्कूल 15 फरवरी से खुल गए हैं. उसके बाद स्कूलों में आने वाले बच्चों के लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं. कोविड़ प्रोटोकॉल के तहत स्कूलों में सबसे पहले जब बच्चे पहुंच रहे हैं, तो उन्हें एक-एक करके स्कूल में एंट्री दी जा रही है. फिर हैंड सेनिटाइज करने के बाद सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखते हुए बच्चों को क्लास रूम में भेजा जा रहा है.
ईटीवी भारत ने चंबा जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कल्हेल का जायजा लिया. इस दौरान सामने आया कि स्कूलों में कोविड निमयों का पालन किया जा रहा है. स्कूल आने वाले बच्चे सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए नजर आए. साथ ही मास्क भी पहने हुए थे.
चंबा के किसी स्कूल में नहीं है स्थायी सफाई कर्मचारी
जिला चंबा की बात करें तो कुल 1671 स्कूल हैं और किसी भी स्कूल में सफाई कर्मचारी नहीं है, जिसके चलते सेनिटाइजेशन का कार्य स्कूल के चपरासी और अध्यापक खुद करते हैं. स्कूल पहुंचे बच्चों से जब बात की गई तो, वह काफी खुश दिखाई दिए. आखिरकार 10 महीनों के बाद ही सही सरकारी स्कूल खुले हैं जिसके चलते बच्चों ने भी राहत की सांस ली है. इन 10 महीनों में बच्चों ने ऑनलाइन पढ़ाई की, लेकिन बच्चों की मानें तो उन्हें काफी दिक्कतें पेश आई.
स्कूल पहुंची स्कूली छात्राओं का कहना है कि उन्हें काफी खुशी हो रही है क्योंकि 10 महीनों के बाद स्कूल खुले हैं और उन्हें पढ़ाई करने का मौका मिल रहा है. स्कूल पहुंचने के बाद हम सोशल डिस्टेंस फेस मास्क और हैंड सेनिटाइजे करने के बाद ही क्लास रूम में आते हैं. हम अपनी पढ़ाई कर रहे हैं, हमें उम्मीद है कि हम बोर्ड की परीक्षाओं में अच्छे नंबर लेकर आएंगे.