शिमला: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में सर्च के दौरान बरामद हुए निष्क्रिय विस्फोटक मामले में जांच के (tiffin bomb case in Una) लिय डीजीपी ने एसआईटी का गठन किया है. हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने बताया कि मामले की जांच के लिए हिमाचल सरकार ने विशेष जांच दल(एसआईटी) का गठन कर लिया है. पहली (SIT formed to investigate tiffin bomb case) आईआरबीएन के कमांडेंट विमुक्त रंजन को एसआईटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि अतिरिक्त एसपी ऊना प्रवीण धीमान और अतिरिक्त एसपी कुल्लू सागर चंद्र को सदस्य बनाया गया है. एसआईटी इस मामले की विस्तृत और तेजी से जांच करेगी और प्रगति की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को देगी.
ये है पूरा मामला:जिला ऊना की पंजाब सीमा पर बसे गांव सिंगा में शनिवार तड़के पंजाब पुलिस ने लाव लश्कर के साथ दबिश देते हुए ना सिर्फ एक युवक को गिरफ्तार किया बल्कि उस युवक की निशानदेही के आधार पर करीब 80 साल पुराने और बंद पड़े कुएं में से संदिग्ध सामन (विस्फोटक पदार्थ) बरामद किया है. हालांकि स्थानीय पुलिस मामले में विस्फोटक पदार्थ मिलने की घटना से इंकार कर रही है और कहा जा रहा है कि लैब में जांच के बाद ही यह तय हो पाएगा कि बरामद किया गया पदार्थ आखिर है क्या?
दरअसल पंजाब पुलिस ने शुक्रवार और शनिवार की मध्यरात्रि ही (Tiffin Bomb Found From Village Of Una) हिमाचल प्रदेश के सीमांत गांव सिंगा में चहल-पहल बढ़ा दी थी. जबकि सुबह होते ही पंजाब पुलिस की बड़ी टीम गांव में दाखिल हो गई. पंजाब से आई इस टीम के साथ इसी गांव का एक युवक कुलदीप कुमार भी मौजूद था, जिसे पुलिस टीम द्वारा लुधियाना में गिरफ्तार किया जा चुका है. इसी युवक की निशानदेही के आधार पर पुलिस ने उसके चचेरे भाई के घर दबिश देते हुए उसे भी काबू किया. दोनों युवकों की निशानदेही के आधार पर गांव के बाहर जंगल में स्थित प्राइमरी स्कूल के बिल्कुल बगल में 80 साल पुराने कुएं के पास टीम पहुंची.