शिमला/चौपाल: कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार की ओर से बसों में 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी के आदेशों का ग्रामीण क्षेत्रों में पालन एचआरटीसी कर्मियों के लिए मुसीबत बन गया है. रविवार को शिमला जिले के चौपाल उपमंडल में नेरवा से दईया जा रही एचआरटीसी बस के कंडक्टर ने 50 फीसदी सीटों पर ही सवारियों को बैठने के लिए कहा तो लोग भड़ककर मारपीट पर उतारू हो गए.
इस दौरान बस का इंतजार कर रही सवारियां भड़क गई. मौके पर ही लोगों की भीड़ जमा हो गई. इसी बीच लोगों ने कंडक्टर के साथ गाली गलौज किया. लोगों को भड़कता देख कंडक्टर ने मौके से भागकर जान बचाई. तनाव इतना बढ़ गया की मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी. कंडक्टर की शिकायत पर पुलिस ने सरकारी कर्मी के काम में बाधा पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है.
गाली गलौज पर उतरे लोग
दरअसल नेरवा से दईया जाने वाली बस शाम करीब 5 बजे नेरवा चौक पर पहुंची. यहां बहुत सी सवारियां बस के इंतजार में खड़ी थीं. बस के रुकते ही लोग बस में चढ़ गए और बस पूरी तरह से भर गई. इस पर कंडक्टर विकेश कुमार ने सरकार के आदेशानुसार 50 फीसदी सीटों पर ही लोगों को बैठने के लिए कहा, जिस पर लोग भड़ककर गाली गलौज करने लगे. इस पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है.