शिमला:गर्मी में ठंडक का अहसास करने पहाड़ों की राजधानी शिमला में पर्यटक देश-विदेश से बड़ी संख्या में रोज पहुंच रहे हैं. किसी को रिज मैदान तो किसी को कुफरी का इलाका पंसद आ रहा,लेकिन यहां के घोड़ा पालक और रेहड़ी चलाकर परिवार का पेट भरने वालों में सरकारों के प्रति नाराजगी दिखाई (Horse keeper and street vendors angry)देती है. इनका कहना है कि कांग्रेस की सरकार रही हो या भाजपा की उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया.
SHIMLA: घोड़ा पालक और रेहड़ी चालक सरकार से नाराज, AAP में दिख रहा तीसरा विकल्प - Horse keeper and street vendors angry
गर्मी में ठंडक का अहसास करने पहाड़ों की राजधानी शिमला में पर्यटक देश-विदेश से बड़ी संख्या में रोज पहुंच रहे हैं. किसी को रिज मैदान तो किसी को कुफरी का इलाका पंसद आ रहा,लेकिन यहां के घोड़ा पालक और रेहड़ी चलाकर परिवार का पेट भरने वालों में सरकारों के प्रति नाराजगी दिखाई (Horse keeper and street vendors angry)देती है.
किन्नौर और नारकंडा सिफ्ट हो रहे पर्यटक:वहीं, इस साल अंत में विधानसभा चुनाव होना है.आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में दम दिखाना शुरू कर दिया और अपने आप को प्रदेश में तीसरे विकल्प के तौर पर पेश करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही. घोड़ा पालकों का कहना है कि तीसरा विकल्प के तौर पर आम आदमी पार्टी को देखा जा रहा ,लेकिन उनको अच्छे उम्मीदवारों की तलाश है. उनका कहना है कि पार्किंग की सही व्यवस्था नहीं होने के चलते पर्यटक किन्नौर ,नारकंडा की तरफ सिफ्ट हो रहा है. वहीं, पानी की समस्या ने परेशान कर रखा है. पानी खरीदना पड़ता है. आम आदमी पार्टी को तीसरे विकल्प के तौर पर देखा जा रहा.लोग चाहते भी है कोई तीसरा आए,लेकिन उनके सामने समस्या साफ छवि वालों को जोड़ने की है.
आम आदमी पार्टी साथ देगी तो देंगे: वहीं करीब 12 साल से रेहड़ी चला रहे नरेश ने बताया कि सरकारों ने उनके लिए कुछ नहीं किया.आम आदमी पार्टी को तीसरे विकल्प के तौर पर देखा जा रहा, लेकिन वह हमारा सहयोग करेंगे तो हम भी उनका सहयोग करेंगे. बता दें कि शिमला में करीब एक हजार घोड़ा पालक पर्यटकों को शिमला का दीदार कराकर अपना परिवाार पालते हैं.