नाहन: डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन अक्सर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव सहित कई मामलों को लेकर विवादों में रहता है. एक बार फिर मेडिकल कॉलेज सुर्खियों में है. इस बार स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के लिए नहीं, बल्कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की टीम की आंखों में धूल झोंकने का मामला सामने आया है. टीम के निरीक्षण से पहले जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से उठाकर कई डॉक्टरों को नाहन मेडिकल कॉलेज में तैनात कर दिया गया.
ऐसे में एनएमसी की टीम का काम खत्म होते ही संबंधित डॉक्टरों को पुनः उनके निर्धारित स्थलों पर ड्यूटी पर वापस भेज दिया गया. इससे स्पष्ट है कि कहीं न कहीं फील्ड से डॉक्टरों को उठाकर एनएमसी की टीम की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास किया गया. दरअसल नाहन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को यह पहले से पता था कि नेशनल मेडिकल कमीशन की टीम ने यहां का दौरा करना है. लिहाजा सारी व्यवस्थाओं को चकाचक करने के इरादे से पहले से ही सभी तैयारियां पूरी कर ली गई.
इसी के तहत जिला के स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सिविल अस्पताल पांवटा साहिब, राजगढ़ सहित विभिन्न पीएचसी राजपुरा, शंभूवाला, बनेठी, धगेड़ा कौलांवालाभूड, सुरला, बर्मापापड़ी, कोलर, माजरा आदि से 23 डॉक्टरों को उठाकर उनकी तैनाती नाहन मेडिकल कॉलेज में दिखा दी गई. इस संबंध में जिले के सीएमओ द्वारा 21 मार्च को आदेश भी जारी कर दिए गए. फिर क्या था, इसके बाद टीम व्यक्तिगत तौर पर तो नाहन मेडिकल कॉलेज में नहीं पहुंची, लेकिन बीते दिन शुक्रवार को संबंधित टीम ने वर्चुअल माध्यम से मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण जरूर किया.