यमुनानगर के निजी स्कूल में समर कैंप लगाया गया. इस समर कैंप में तीन बच्चों को इसलिए बाहर निकाल दिया गया, क्योंकि उन्होंने तिलक लगाया हुआ था. इस बात की जानकारी बच्चों ने अपने परिजनों को दी. जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और एक सोच नई सोच संस्था के संचालक के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी. ये घटना सोमवार की है. इस मामले को लेकर गुरुवार को भी बच्चों के परिजनों और हिंदू संगठनों ने मिलकर यमुनानगर लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया.
समर कैंप में तिलक लगाकर आए छात्रों को निकालने का मामला: हिंदू संगठनों ने हनुमान चालीसा पढ़कर जताया विरोध - यमुनानगर में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन
गुरुवार को यमुनानगर में हिंदू संगठनों ने लघु सचिवालय में हनुमान चालीसा पढ़कर प्रदर्शन किया. हिंदू संगठनों ने एक सोच नई सोच संस्था की फंडिंग की जांच की मांग की है.
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दसअसल यमुनानगर के एमएलएन स्कूल में तीन बच्चे तिलक लगाकर समर कैंप में भाग लेने गए, लेकिन एक सोच नई सोच संस्था के संचालक शशि गुप्ता तीनों बच्चों को समर कैंप से बाहर निकाल दिया और कहा कि वो तब तक उन्हें समर कैंप में नहीं आने देगा, जबतक कि वो तिलक हटाकर नहीं आएंगे. छात्रों ने इस बात का जानकारी जब परिजनों को दी तो उन्होंने हिंदू संगठनों के साथ मिलकर इसका विरोध किया.
बच्चों के परिजनों और हिंदू संगठनों ने मिलकर इस मामले में लघु सचिवालय के गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर मांग की कि इस तरह की संथ्याओं की कुंडली निकाली जाए. जिसमें ये पता चल सके कि इनकी फंडिंग कहां से होती है. परिजनों ने शक जताया कि संस्था में धर्म परिवर्तन का काम करवाया जाता है. इस बारे में यमुनानगर सिटी थाना प्रभारी ने कहा कि मौके पर दोनों पक्षों का निपटारा हो गया था.
आज फिर से हिंदू संगठन उसी मामले को लेकर प्रशासन के पास पहुंचे हैं. वहीं विवाद को बढ़ता देख संस्था संचालक ने परिजनों से पुलिस की मौजूदगी में माफी मांग ली थी. स्कूल प्रिंसिपल ने कहा था कि वो खुद भी तिलक लगाकर आते हैं. इस घटनाक्रम के बाद से पिंसिपल ने भी संस्था संचालक को वहां से निकाल दिया है. अब परिजनों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि संस्था के खिलाफ जांच होनी चाहिए कि उसकी फंडिंग कहां से हो रही है.