कैथल: 30 दिसंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ट्वीट किया. जिसमें उन्होंने सूबे में रैन बसेरों को लेकर चिंता जताई. ट्वीट में उन्होंने निगम अधिकारियों को हिदायत दी कि कोई भी बेसहारा व्यक्ति बाहर ना सोए. उसे जल्द रैन बसेरों में लाया जाए, लेकिन कैथल के रैन बसेरों को देखकर तो लगता है कि अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे.
रणदीप सुरजेवाला ने किया था उद्घाटन
कैथल के रैन बसेरे का उद्घाटन साल 2013 में तत्कालीन कांग्रेस विधायक रणदीप सुरजेवाला ने किया था. अब हालत ये है कि ये रैन बसेरा खंडहर में तब्दील होता जा रहा है. रैन बसेरे की दीवार से सीमेंट भी उतरने लगी है. जिससे ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि रैन बसेरे के निर्माण में सही सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया.
खंडहर हुआ पुराना रैन बसेरा
ईटीवी भारत की टीम ने जब कैथल के रैन बसेरे का रियलिटी चेक किया तो वहां की तस्वीर चौंकाने वाली मिली. रैन बसेरे के नाम पर वहां खंडहर इमारत मिली. ये रैन बसेरा मेन रोड से 100 मीटर की दूरी पर बनाया गया है, लेकिन रोड पर कहीं भी रैन बसेरे का कोई साइन बोर्ड नहीं लगा हुआ है. जिससे किसी को ये पता ही नहीं चलता कि यहां रैन बसेरा भी है.