झज्जर:किसान आंदोलन के बीच टिकरी बॉर्डर पर पश्चिम बंगाल की रहने वाली किसान नेता की कोरोना से हुई मौत के बाद भी हालात बदलते नजर नहीं आ रहे हैं. टिकरी बॉर्डर पर हर रोज सभाएं आयोजित की जा रही हैं, जिसमें सैकड़ों लोग हिस्सा रहे हैं. इस दौरान ज्यादातर लोग ना तो मास्क पहन रहे हैं और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग नजर आ रही है.
ऐसे में किसान आंदोलन के बीच कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना बनी हुई है. इस बीच शनिवार को किसान नेता मोमिता बसु की अस्थियां लेकर उसके पिता आंदोलन के बीच टिकरी बॉर्डर के मंच पर पहुंचे. यहां आंदोलनकारियों ने मोमिता को श्रद्धांजलि दी.
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