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विधानसभा में सीएम मनोहर लाल का 'धज्जी उड़ाने' वाला बयान कार्यवाही से क्यों नहीं हटाया गया, विधानसभा स्पीकर ने दिया जवाब - हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र

Haryana Assembly Monsoon Session: हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को खत्म हो गया. बुधवार को स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस सत्र में 90 में से 89 विधायकों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष ने सदन के अंदर मुख्यमंत्री के धज्जी उड़ाने वाले बयान पर भी जवाब दिया.

Assembly Speaker Gyanchand Gupta
Assembly Speaker Gyanchand Gupta

By ETV Bharat Haryana Team

Published : Aug 30, 2023, 7:47 PM IST

चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को संपन्न हो गया. 3 दिन तक चले इस सत्र में विभिन्न मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष की तीखी बहस भी देखने को मिली. विधानसभा की 3 दिन की इस कार्यवाही को लेकर विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सदन की कार्यवाही की पूरी जानकारी दी.

मॉनसून सत्र को लेकर जानकारी देते हुए ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि इस बार सत्र की तीन दिनों की कार्यवाही 19 घंटे 36 मिनट चली. जिसमें 90 में 89 विधायकों ने हिस्सा लिया. सिर्फ धर्म सिंह छोक्कर नहीं आए. इस बार विधानसभा की प्रोडक्टिविटी 113.93 प्रतिशत रही. उन्होंने कहा कि सत्र में चंद्रयान 3 की सफलता को लेकर बधाई संदेश दिया गया. मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट में हिस्सा लेने वाले सभी वैज्ञानिकों और अन्य लोगों को बधाई दी. हमने 2022-2023 के लिए 3 विधायकों को सर्वश्रेष्ठ विधायकों का अवार्ड दिया. इसके साथ ही जिन विधायकों ने बोलने की इच्छा प्रकट की उन सभी को बोलने का मौका दिया गया.

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विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि शून्य काल में पहले दिन 17 और अंतिम दिन 43 विधायकों को बोलने का मौका दिया गया. इस बार विधानसभा को 50 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव मिले थे. 16 को विषय समान होने के कारण आपस में जोड़ दिया गया था. काम रोको प्रस्ताव 4 आए थे, जिनमें से 2 को ध्यानाकर्षण में बदला गया. ‌एक सरकार के पास भेजा गया और एक अस्वीकृत किया गया.

ज्ञान चंद गुप्ता ने नूंह हिंसा के मामले पर बात करते हुए कहा कि विपक्ष ने नूंह और सीईटी के मुद्दे पर चर्चा के लिए आग्रह किया लेकिन हमारे नियम 212 के तहत जो मामला कोर्ट में है उस पर विधानसभा में चर्चा नहीं कर सकते. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सदन में मुख्यमंत्री द्वारा धज्जियां उड़ाने वाला शब्द असंसदीय नहीं है, इसलिए कार्यवाही से नहीं हटाया जाएगा.

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