हरियाणा की मनोहर सरकार ने साल 2019 में जनता के लिए कई अहम फैसले लिए. जिसका जनता पर सीधा असर भी पड़ा. शायद यही वजह रही कि मनोहर सरकार हरियाणा की सत्ता में एक बार फिर से वापसी करने में कामयाब रही.
नगर परिषद और नगर पालिका में जनता चुनेगी प्रधान
हरियाणा में नगर परिषद और नगर पालिकाओं में अध्यक्ष का चुनाव नगर निगम के मेयर के चुनाव की तर्ज पर डायरेक्ट करवाने का बड़ा फैसला लिया गया.
2019 में GST दर में रिकॉर्ड वृद्धि
हरियाणा में राज्य जीएसटी के तहत राजस्व में पिछले वित्त वर्ष के नवंबर 2018 माह की तुलना में नवंबर 2019 में 33% की वृद्धि की गई है. 2019 तक राज्य जीएसटी के तहत संग्रह की समग्र विधि पिछले वित्त वर्ष की अवधि की तुलना में 18% अधिक है.
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में तीसरे स्थान पर हरियाणा
हरियाणा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश में तीसरे स्थान पर पहुंचा और उत्तर भारत में पहले स्थान पर पहुंचा. हरियाणा में अब तक 80 हजार करोड़ रुपये के निवेश हो चुके हैं.
2019 में हरियाणा ने विकास के छुए नए आयाम
2018-19 में देश की जीडीपी जहां 6.8 थी. वहीं हरियाणा की जीडीपी 8.2 रही. इसी तरह कृषि क्षेत्र में भारत की जीडीपी 2.9 थी तो हरियाणा की 5.9 रही. वहीं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भारत की दर 6.9 थी जबकि हरियाणा में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में दर 8.6 प्रतिशत रही. इसके अलावा सर्विस सेक्टर में भारत की दर जहां 7.5 फीसदी रही तो वहीं हरियाणा की दर 8.2 रही.
गरीबों को परिवार समृद्धि योजना की सौगात
हरियाणा सरकार की तरफ से प्रदेश के निम्न आय वर्ग के लोगों को मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना की शुरुआत की गई. इस योजना के तहत गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना , प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना , प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना और प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के प्रीमियम के लाभ प्रदान किए जाएंगे और उसके बाद जो राशि बचेगी वो परिवार के मुखिया के खाते में डाली जाएगी.
पंचायत को मिली शराब का ठेका बंद करवाने की ताकत
हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 31 को संशोधित किया गया है. जिसके तहत हरियाणा में पंचायतें अपनी सभा क्षेत्र में शराब की बिक्री केंद्र खोले जाने पर प्रतिबंध लगाने की इच्छुक होती हैं तो इस पर प्रस्ताव पास कराकर सरकार से शराब का ठेका बंद करवाने की मांग कर सकती हैं.
पंचायती राज अधिनियम में बदलाव
हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 66 तथा 126 में प्रावधान किए. जिसके तहत प्रत्येक पंचायत समिति और जिला परिषद अपने कार्य संपादन के लिए प्रत्येक वर्ष में कम से कम 6 बार बैठक करेंगे. वर्तमान बैठकों के अतिरिक्त प्रत्येक 6 माह में कम से कम 2 दिन की अवधि का सत्र बुलाए जाने का भी प्रावधान होगा.
छुट्टी का ऑनलाइन आवेदन करेंगे सरकारी कर्मचारी
हरियाणा के सभी कर्मचारियों के लिए हरियाणा सरकार ने छुट्टी का ऑनलाइन आवेदन करने समेत कई अन्य सेवाओं के लिए एचआरएमएस की शुरुआत की.
पराली न जलाने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि
गैर बासमती धान की पराली न जलाने के लिए लघु एवं सीमांत किसानों को ₹100 प्रति क्विंटल की दर से विशेष प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई.