चरखी दादरी: लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों को सरकार उनके घर भेज रही है. इन मजदूरों को रोडवेज बस और रेल के जरिए घर भेजा रहा है. इसी बीच रोडवेज कर्मचारियों ने एक मिसाल पेश की है. इन रोडवेज कर्मचारियों ने कई भूखे और प्यासे मजदूरों का पेट भरा है.
रोडवेज कर्मचारी ने प्रवासियों की मदद की
दरअसल ये सभी मजदूर बिना कुछ खाए-पिए ही बस स्टैंड पर पहुंचे थे. इन मजदूरों के पास ना खाने को पैसे थे ना ही टिकट लेने के पैसे थे. ऐसे में बस स्टैंड पर रोडवेज कर्मियों ने मानवता का परिचय देते हुए सभी दयनीय मजदूरों को खाना खिलाया और अपने ही खर्च पर टिकट कटवाकर उनको बस से उनके घर की ओर रवाना किया.
बस स्टैंड पहुंचे मजदूरों को खिलाया खाना
बता दें कि जब इन सभी प्रवासी मजदूर को रोडवेज बस चलने की सूचना मिली तो सभी धूप में पैदल चलकर बस स्टैंड तक पहुंचे. सभी के पैसे भी खत्म हो गए थे और टिकट भी नहीं ले पा रहे थे. इसके बाद रोडवेज कर्मियों ने सभी प्रवासी मजदूरों को खाना खिलाया, मास्क दिए और अपने खर्च पर टिकट कटवाकर बसों में बैठाकर रवाना किया.
मजदूरों ने बयां की पीड़ा
इस दौरान श्रमिकों ने अपनी पीड़ा बयां की और बताया कि इस संकट की घड़ी में रोडवेज कर्मचारियों ने उनकी जो इज्जत करते हुए मदद की है, ऐसी इज्जत कहीं भी नहीं मिली है. प्रवासी श्रमिक ने बताया कि वे खानपुर से पैदल चलकर बस स्टैंड पर आए थे. रास्ते में किसी ने लिफ्ट नहीं दी, जो कुछ कमाया था, वो खाने पर खर्च हो गया. अब उनके पास ना तो खाना बचा और ना ही पैसे.
मजदूरों के पास नहीं थे पैसे
बस चलने की जानकारी मिली थी तो बस स्टैंड पर काफी चिंतित थे. जब ये बात रोडवेज कर्मचारियों को पता चली तो रोडवेज के कर्मचारियों ने उनको खाना खिलाकर टिकट के पैसे दिए. इसके बाद सभी के चेहरे पर खुशी थी. रोडवेज कर्मचारी विजयपाल ने बताया कि डिपो महाप्रबंधक धनराज कुंडू द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि इस संकट की घड़ी में बस स्टैंड पर आने वाले प्रवासी श्रमिकों को खाना खिलाकर मास्क दिए जाएंगे.
मास्क और सैनिटाइजर भी दिया
रोडवेज कर्मचारियों ने आपस में मिलकर चंदा एकत्रित करते हुए श्रमिकों को भोजन, मास्क, सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए हैं. जिन श्रमिकों के पास पैसा नहीं था, उनकी टिकट कटवाकर बसों में बैठाया गया है. उन्होंने कहा कि जो भी श्रमिक बस स्टैंड पर आएगा, उसका पूरा ख्याल रखा जाएगा.