नई दिल्ली :प्रदेश नेताओं के फोन के बाद साउथ एमसीडी द्वारा नई गाइडलाइंस को वापस लेने के आरोप का नेता सदन कमलजीत सहरावत ने खंडन किया है. उन्होंने कहा है ऐसे आरोप लगाकर दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष हाइप क्रिएट करने की कोशिश कर रही हैं.
हाइप क्रिएट कर रहीं स्वाति मालीवाल- कमलजीत सहरावत सहरावत ने साफ किया है कि निगम गाइडलाइंस को वापस लेने का कोई प्लान नहीं बना रही और अभी के समय में क्रॉस जेंडर मसाज पर रोक लगाई गई है.
'ये सच नहीं है'
बुधवार को दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष के गाइडलाइंस वापस लेने के आरोपों पर कमलजीत सहरावत ने कहा कि जिस तरहसे कहा जा रहा है कि प्रदेश नेताओं का फोन आने के बाद ऐसा हुआ है, ये सच नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के नेता ऐसे फैसलों पर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हैं, वापस लेने के लिए नहीं कहते.
सहरावत ने कहा कि गाइडलाइंस में कोई बदलाव नहीं किया गया है. जिन पांच बिंदुओं को लेकर उसमें दिशा निर्देश थे, वह अब भी ऐसे ही रहेंगे.
इंटरनेशनल गाइडलाइंस के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ऐसे स्पा सेंटर्स जो 2014 से पहले इंटरनेशनल स्पा एसोसिएशन के तहत रजिस्टर्ड है, उन्हें निगम लाइसेंस नहीं देती है. लिहाजा उन पर एसोसिएशन के तहत आने वाले नियम कायदे और कानून ही होंगे.
बता दें कि इससे पहले साउथ एमसीडी ने स्पा-सेंटरों में क्रॉस जेंडर मसाज समेत कई अन्य बिंदुओं के साथ नई गाइडलाइंस जारी करने की बात कही रही.
स्वाति मालीवाल ने लगाया था आरोप
बता दें कि बीती शाम दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था कि साउथ एमसीडी नेताओं को प्रदेश बीजेपी कार्यालय से फोन आया था, जिसके बाद गाइडलाइंस निकालने के फैसले को वापस लिया जा रहा है.