नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की साकेत कोर्ट ने मनी लाउंड्रिंग मामले में फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर और रैनबैक्सी कंपनी के पूर्व प्रमोटर शिवेंद्र सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है. एडिशनल सेशंस जज गुलशन कुमार ने कहा कि मलविंदर सिंह को जमानत देने से ट्रायल प्रभावित होने का अंदेशा है. कोर्ट ने कहा कि जांच अहम मोड़ पर है जिसमें हिरासत में लेकर पूछताछ की जरुरत है.
मनी लाउंड्रिंग केस: साकेत कोर्ट ने शिवेंद्र सिंह की जमानत याचिका की खारिज - Former promoter of Fortis Healthcare
मनी लाउंड्रिंग के मामले में गिरफ्तार हुए फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर और रैनबैक्सी कंपनी के पूर्व प्रमोटर शिवेंद्र सिंह की जमानत याचिका दिल्ली की साकेत कोर्ट ने खारिज कर दी है.
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23 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने का आदेश
इस मामले में शिवेंद्र सिंह, भाई मलविंदर सिंह और रेलिगेयर इंटप्राईजेज लिमिटेड के सीएमडी सुनील गोधवानी की न्यायिक हिरासत की अवधि 23 दिसंबर तक बढ़ाने का आदेश दिया है.
दरअसल दोनों की न्यायिक हिरासत की अवधि आज खत्म हो रही थी. पिछले 28 नवंबर को कोर्ट ने मलविंदर सिंह और सुनील गोधवानी को आज तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.
14 नवंबर को किया गया था गिरफ्तार
मलविंदर सिंह को मनी लांड्रिंग के मामले में 14 नवंबर को गिरफ्तार किया था. नौ दिनों की ईडी कस्टडी के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.
ईडी का कहना है कि उन्हें मलविंदर सिंह का कई अहम गवाहों और सबूतों से आमना-सामना कराना है, इसलिए उन्हें हिरासत में पूछताछ की अनुमति दी जाए.