नई दिल्ली:केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बरकरार है. पिछले दिनों दसवीं की बोर्ड की परीक्षा कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की वजह से रद्द कर दी गई थी. इस दौरान कहा गया था कि स्थिति को देखते हुए 1 जून को 12वीं की परीक्षा को लेकर निर्णय किया जाएगा.
यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी है जहां केंद्र ने कहा है कि 12वीं की परीक्षा को लेकर एक-दो दिन में फैसला कर लिया जाएगा. तो वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक का एम्स में भर्ती होने के बाद आज परीक्षा को लेकर कोई फैसले आने की संभावना कम नजर आ रही है.
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परीक्षा के लिए बनाए हैं तीन प्लान
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीबीएसई 12वीं की परीक्षा के लिए तीन विकल्प रखे गए हैं, जिसके मुताबिक केवल महत्वपूर्ण विषयों के लिए परीक्षा आयोजित कराना. दूसरा बहुविकल्पीय आधारित प्रश्न के आधार पर छात्रों का मूल्यांकन करना.
इसके अलावा तीसरा विकल्प छात्रों को उनके पिछले तीन शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर अंक निर्धारित करना हो सकता है. इसके अलावा कहा जा रहा है कि परीक्षा 15 जुलाई से 26 अगस्त के बीच आयोजित की जा सकती है और रिजल्ट सितंबर के मध्य में जारी किया जा सकता है.
परीक्षा को लेकर पिछले दिनों हुई थी उच्च स्तरीय बैठक
बता दें कि बोर्ड की परीक्षा के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में पिछले दिनों उच्च स्तरीय बैठक हुई थी. इस बैठक में शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, राज्य शिक्षा मंत्री संजय धोत्रे राज्यों के शिक्षा मंत्री व शिक्षा सचिव बैठक में मौजूद थे.
इसमें दिल्ली व महाराष्ट्र ने बोर्ड की परीक्षा आयोजित कराने को लेकर विरोध किया था. इसके अलावा कांग्रेस छात्र इकाई एनएसयूआई ने भी बोर्ड परीक्षा को लेकर विरोध जताया है.