नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा:ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और लूट के खिलाफ के खिलाफ अभिभावकों ने रविवार को जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान अभिभावकों ने कोरोना काल के दौरान दी गई 15 प्रतिशत छूट की मांग की. साथ ही स्कूल परिसर के अंदर स्टेशनरी और ड्रेस की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की. उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा हाईकोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. शिकायतों के बावजूद स्कूलों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है.
दरअसल, ग्रेटर नोएडा में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी इस कदर बढ़ गई है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कोरोना काल के दौरान दी गई 15 प्रतिशत की छूट को स्कूल मानने को तैयार नहीं है. इसके साथ ही प्रशासन द्वारा स्कूल परिसर में किताबें और ड्रेस बेचने की मनाही के बाद भी खुलेआम स्कूलों में ड्रेस और किताबें बेची जा रही हैं. स्टेशनरी के नाम पर लूट मचाई जा रही है.
प्रदर्शन के दौरान अभिभावक दीपांकर ने बताया कि यहां पर जो भी प्राइवेट बड़े स्कूल हैं वह या तो बिल्डर के हैं, या फिर उन्हें राजनेताओं या सरकारी अधिकारियों से संरक्षण प्राप्त हैं. इसीलिए वह हाईकोर्ट और प्रशासन के आदेश को नकार रहे हैं. हाईकोर्ट द्वारा कोरोना काल मे 15 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया था, लेकिन स्कूल प्रबंधन के तरफ से कोई छूट नहीं दी जा रही है. इसी के साथ जिला प्रशासन ने स्कूल परिसर के अंदर स्टेशनरी और ड्रेस की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया था. स्कूलों में खुलेआम स्टेशनरी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों के साथ लूट मचाई जा रही है और उन्हें सरकार यहा प्रशासन का कोई डर नहीं है.