नई दिल्ली:खेल मंत्रालय ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में 57 राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) की मान्यताओं की बहाली के लिए याचिका दायर की है.
दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने पिछले आदेश में 54 एनएसएफ की मान्यता को वापस ले लिया था. खेल मंत्रालय ने इन 54 के अलावा तीन और महासंघों को मान्यता देने की अपील की है.
यह तीन- भारतीय रोइंग महासंघ (आरएफआई), भारतीय गोल्फ यूनियन (आईजीयू) और स्कूल गेम्स फेडेरेशन ऑफ इंडिया हैं.
मंत्रालय ने अपनी अपील में लिखा है, "खेल मंत्रालय अपील करता है कि उच्च न्यायालय 2020 के लिए के लिए 54 एनएसएफ को वार्षिक मान्यता प्रदान करे और तीन महासंघों पर से रोक हटाए और कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए इन सभी को 30.9.2020 तक अंतरिम मान्यता प्रदान करें."
अपील में लिखा है, "एनएसएफ को मान्यता न देना खेल के पूरे विकास, खासकर खिलाड़ियों के लिए नुकसानदायक होगा वो भी इस दौर में जब कोविड-19 के कारण सभी तरह की ट्रेनिंग और टूर्नामेंट्स बंद पड़े हैं."
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 24 जून को खेल मंत्रालय को आदेश दिया था कि वह 11 मई को 54 एनएसएफ को दी गई मान्यता देने के फैसले को अस्थायी तौर पर वापस ले.
अदालत ने मंत्रालय से ऐसा उसके इसी साल सात फरवरी को दिए गए आदेश का पालन न करने के कारण दिया था. अदालत ने मंत्रालय और आईओए से कहा था कि वह एनएसएफ के मामले में कोई फैसला लेने से पहले अदालत को सूचित करे.
इससे पहले अखिल भारतीय खेल परिषद के अध्यक्ष वीके मल्होत्रा ने खेल मंत्रालय से अटार्नी जनरल (एजी) नियुक्त करने और दिल्ली उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में तुरंत अपील करने का अनुरोध किया था.
खेल मंत्री किरण रिजिजू को लिखे पत्र में मल्होत्रा ने कहा था कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब खेल जगत कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है और इसके भारतीय खिलाड़ियों की अगले साल होने वाले ओलंपिक खेलों की तैयारियों पर विपरीत असर पड़ सकता है. इस अनुभवी खेल प्रशासक ने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ और अंतरराष्ट्रीय महासंघों ने अपनी मान्यता वापस नहीं ली है.