नई दिल्ली : भारत में लगातार दूसरी बार हॉकी विश्व कप (Hockey World Cup) का आयोजन हो रहा है. इस बार भी ओडिशा (Odisha) ही विश्व कप के मेजबानी करेगा. 13-29 जनवरी तक होने वाले इस आयोजन में विश्व की 16 टीमें भाग लेंगी. चार बार विश्व चैंपियन रह चुकी पाकिस्तान की टीम विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई है. वहीं, भारत चार दशक बाद इतिहास दोहराना चाहेगा.
पहले ब्रिटिश सेना ने शुरू किया था हॉकी खेलना
भारत में हॉकी का इतिहास काफी पुराना है. पहले इस खेल को भारत में ब्रिटश सैनिक खेलते थे जिन्हें देखकर भारतीय खिलाड़ियों ने ये खेल सीखा. भारत के युवा भी बड़ी संख्या में ब्रिटिश सेना के अधिन काम करते थे वहीं से इसकी शुरुआत हुई. हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जैसे खिलाड़ी भारतीय सेना से निकले. भारत में पहला हॉकी क्लब 1855 में कोलकाता में स्थापित किया गया था. इसके बाद देश के अन्य राज्यों और शहरों जिनमें पंजाब और मुंबई शामिल हैं वहां भी हॉकी क्लबों में खेली जाने लगी.
1925 में हुई हॉकी संघ की स्थापना
भारत में शुरूआत में हॉकी के विकास को लेकर कोई संघ नहीं था. साल 1925 में भारतीय हॉकी संघ (Indian Hockey Federation) की स्थापना होने के बाद हॉकी ने अपनी पहचान देश और दुनिया में बनानी शुरू की. भारतीय हॉकी टीम पहली बार 1926 में विदेशी दौरे पर न्यूजीलैंड गई. इस दौरे पर भारतीय टीम में 21 मुकाबले खेले जिसमें 18 में जीत दर्ज की. इसी टूर्नामेंट में ध्यानचंद निखर कर आए.