सिडनी: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना और आम नागरिकों की जान लेना दुनिया के किसी भी हिस्से में स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने रूस- यूक्रेन संघर्ष में दोनों पक्षों के कूटनीति तथा वार्ता के रास्ते पर लौटने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि 'यह संघर्ष किसी की भी मदद नहीं कर रहा है.'
जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के संबंधों के बढ़ते महत्व और सुरक्षा-केंद्रित क्वाड के सदस्यों के रूप में दोनों देशों के हितों पर लोवी इंस्टिट्यूट में अपने संबोधन के बाद सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की. उन्होंने सोमवार को रूस द्वारा यूक्रेन की राजधानी कीव समेत प्रमुख यूक्रेनी शहरों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमलों पर एक सवाल के जवाब में कहा, 'हमारा वास्तव में मानना है कि बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना और आम नागरिकों की जान लेना दुनिया के किसी भी हिस्से में स्वीकार्य नहीं है.'
यूक्रेन पर सोमवार को हुए हमलों को 24 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद से रूस का सबसे भीषण हमला माना जा रहा है. जयशंकर ने संघर्ष को हल करने के लिए कूटनीति और बातचीत के रास्ते पर लौटने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, 'यह संघर्ष किसी की मदद नहीं कर रहा है.' उन्होंने कहा कि यह संघर्ष आज दुनिया के एक बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचा रहा है क्योंकि लोगों का दैनिक जीवन बहुत ही हानिकारक तरीके से प्रभावित हो रहा है.