लंदन : ब्रिटेन के लंदन उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए जूलियन असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने का रास्ता खोल दिया है. निचली अदालत ने विकीलीक्स के संस्थापक के मानसिक स्वास्थ्य का हवाला देते हुए प्रत्यर्पण के अमेरिकी अनुरोध को खारिज कर दिया था.
पचास वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिक असांजे 2010 और 2011 में हजारों गोपनीय सैन्य तथा राजनयिक दस्तावेजों के प्रकाशन के मामले में अमेरिका में वांछित हैं. इस साल की शुरुआत में निचली अदालत के एक न्यायाधीश ने विकीलीक्स द्वारा एक दशक पहले गुप्त सैन्य दस्तावेजों का प्रकाशन किए जाने के मामले में जासूसी के आरोपों का सामना कर रहे असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित करने के अमेरिकी अनुरोध को खारिज कर दिया था. निचली अदालत ने कहा था कि यदि असांजे को प्रत्यर्पित किया गया तो अपनी कमजोर मानसिक स्थिति के चलते उनके आत्महत्या करने का खतरा है.
उच्च न्यायालय के शुक्रवार को आए फैसले का मतलब है कि अमेरिकी अधिकारियों ने अपील संबंधी मुकदमे की लड़ाई जीत ली है. इन अधिकारियों ने अदालत को पुन: आश्वस्त किया कि वे असांजे से संबंधित आत्महत्या के जोखिम को कम करने के लिए उचित कदम उठाएंगे.
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जनवरी में जिला न्यायाधीश वैनेसा बारैत्सेर ने कहा था कि असांजे का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है और इसलिए उन्हें प्रत्यर्पित किया जाना उचित नहीं होगा क्योंकि ऐसा करने से उनके आत्महत्या करने की आशंका है. असांजे पर अमेरिका में जासूसी के 17 आरोप और कंप्यूटर के दुरुपयोग संबंधी एक आरोप लगाया गया है. इन आरोपों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 175 साल तक की कैद हो सकती है.