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पाकिस्तान ने माना, अफगानिस्तान के साथ की थी गलतियां - पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ अतीत में की गई गलतियां स्वीकार की हैं और भरोसा दिलाया है कि वह इन गलतियों को नहीं दोहराएगा. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में शांति व सुरक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकता है.

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पाकिस्तान अफगानिस्तान संबंध

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Published : Oct 1, 2020, 3:40 PM IST

इस्लामाबाद :पाकिस्तान ने स्वीकार किया है कि अफगानिस्तान के प्रति अतीत में देश के नेतृत्व द्वारा गलतियां की गई थीं और कहा है कि अब वह उन गलतियों को नहीं दोहराएगा.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अफगान शांति वार्ता दल के प्रमुख अब्दुल्ला अब्दुल्ला के नेतृत्व में अफगानिस्तान के प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान पाक नेताओं ने यह बयान दिया.

अब्दुल्ला के साथ यात्रा पर जाने वाले अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी के विशेष दूत मोहम्मद उमर दाऊदजई ने कहा कि अफगानिस्तान में संघर्ष विराम पर इस्लामाबाद का स्पष्ट रुख नहीं है.

दाऊदजई ने कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने अपनी टिप्पणी में कहा कि अतीत में गलतियां हुई थीं और हम उन्हें नहीं दोहराएंगे. अफगानिस्तान और पाकिस्तान में शांति व सुरक्षा प्राथमिकता है.

अब्दुल्ला ने बुधवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों नेताओं ने अफगान शांति प्रक्रिया और दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों के साथ-साथ अन्य वर्तमान विषयों पर चर्चा की.

अफगान शांति वार्ताकार अब्दुल्ला ने मंगलवार शाम को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से भी मुलाकात की थी और शांति प्रक्रिया पर चर्चा की थी.

पाकिस्तान ने हाल ही में तालिबान के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की थी. अफगानिस्तान के नेताओं का इस्लामाबाद दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब तालिबान और अफगान सरकार के बीच शांति वार्ता चल रही है.

यह भी पढ़ें- अफगान शांति वार्ताकार ने पाकिस्तान से संबंध सुधारने पर दिया जोर

अफगान प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पाकिस्तान ने आश्वासन दिया है कि वह शांति प्रक्रिया में मदद करेगा और एक अलग नीति लागू करके युद्ध को समाप्त करेगा. अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तानी प्रशासन से तालिबान को युद्ध विराम पर लचीलापन दिखाने के लिए कहा.

अफगान शांति वार्ता दल के उपाध्यक्ष अता-उर-रहमान ने कहा कि हम पाकिस्तान के व्यावहारिक सहयोग को देखना चाहते हैं, क्योंकि उन्होंने सभी क्षेत्रों और शांति प्रक्रिया में सहयोग करने का वादा किया है. हम देखेंगे कि शांति प्रक्रिया में वह क्या भूमिका निभाएंगे.

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