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श्मशान घाट हादसे की पीड़ित महिलाओं ने निकाला कैंडल मार्च - पीड़ित महिलाओं ने निकाला कैंडल मार्च

पूरे देश को हिला कर रख देने वाले मुरादनगर श्मशान घाट हादसे (Muradnagar cremation ground incident) को एक साल पूरा हो गया है. इस दर्दनाक हादसे की सोमवार को पहली बरसी थी. पीड़ित महिलाएं 29 नवंबर से नगर पालिका परिषद (muradnagar municipal council) में जारी धरना स्थल पर बरसी मना रही हैं. साथ ही सोमवार की रात महिलाओं ने कैंडल मार्च भी निकाला.

Candle March in ghaziabad
गाजियाबाद में पीड़ित महिलाओं ने निकाला कैंडल मार्च

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Published : Jan 4, 2022, 6:26 PM IST

नई दिल्ली/गाजियाबाद : मुरादनगर श्मशान घाट हादसे (Muradnagar cremation ground incident) के एक साल पूरा होने पर पीड़ित महिलाएं और उनके बच्चों ने ओलंपिक तिराहे से श्मशान घाट घटनास्थल तक कैंडल मार्च निकाला. इस दौरान उन्होंने नगर पालिका और चेयरमैन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.


मुरादनगर के उखलारसी श्मशान घाट हादसे को एक साल पूरा हो गया है. इस घटना को याद कर हर कोई सहम जाता है. श्मशान घाट हादसे के 25 मृतकों के परिजन इस हादसे के दोषियों को सख्त सजा दिलाने के साथ अपना जीवन चलाने और बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद में करीब डेढ़ महीने से धरना प्रदर्शन कर शासन से अपनी मांगों को पूरा करने की गुहार लगा रही हैं.

गाजियाबाद में पीड़ित महिलाओं ने निकाला कैंडल मार्च

इस हादसे की पहली बरसी पर जहां पीड़ित महिलाओं ने सुबह हवन का आयोजन किया तो वहीं दूसरी ओर सभी पीड़ित महिलाओं ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए कैंडल मार्च निकाला. इस दौरान नगर पालिका परिषद और चेयरमैन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

ये भी पढ़ें :मुरादनगर हादसा : पहली बरसी पर मृतकों के परिजनों ने धरना स्थल पर किया हवन

वहीं, पीड़िता पुष्प लता का कहना है कि वह आज कैंडल मार्च निकालते हुए लोगों को यह संदेश देना चाहती हैं कि हमारी सरकार बहुत ही भ्रष्ट है. इस सरकार ने अपने द्वारा किए गए वादों को एक साल बीत जाने पर भी पूरा नहीं किया है. श्मशान घाट हादसे को एक साल पूरा हो गया है. वह मंजर आज भी उनके आंखों के सामने हैं. इसके बावजूद कोई भी नेता या अधिकारी उनकी मांगों को नहीं सुन रहा है. 29 नवंबर से नगर पालिका परिषद में उनका धरना और भूख हड़ताल जारी है. फिर भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है.

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