नई दिल्ली/गाजियाबाद: जहां एक ओर कोरोना काल से पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है. ऐसे में कुछ प्रशासनिक अधिकारी आपदा को अवसर में तब्दील करने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं. मामला गाजियाबाद के मलेरिया विभाग का है, जहां कोरोना काल मे विभाग में तैनात सुपरवाइजर बीते एक मई से लखनऊ स्थित घर बैठा हुआ था. जबकि, विभाग में रोजाना उसकी हाजिरी लग रही थी. शिकायत मिलने के बाद गाज़ियाबाद के कोविड नोडल प्रभारी सेंथिल पांडियन सी ने इसकी जांच की ओर कार्रवाई करते हुए सुपरवाइजर के वेतन पर तुरंत रोक लगा दी.
घर बैठे लग रही थी सुपरवाइजर की हाजरी, रोका गया वेतन - गाजियाबाद के स्वास्थ्य विभाग का अपडेट
गाजियाबाद मलेरिया विभाग में तैनात एक सुपरवाइजर पिछले कई दिनों से कार्यालय नहीं जा रहा था. जबकि, उसकी रोजाना हाजिरी लग रही थी. शिकायत मिलने पर नोडल प्रभारी ने सुपरवाइजर के वेतन पर तुरंत रोक लगा दी है.
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गाजियाबाद मलेरिया विभाग
गाजियाबाद में रोकी गई सुपरवाइजर की सैलरी
इस बाबत कोविड प्रभारी सेंथिल पांडियन से बातचीत करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कहा कि इस मामले पर प्रतिक्रिया देने के लिए वह अधिकृत नहीं हैं. इस संबंध में जिलाधिकारी को जांच सौंपी गई है और जिलाधिकारी ही जानकारी देंगे. जिलाधिकारी से बातचीत करने की कोशिश की गई, तो वह भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए.
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