गाजियाबाद बना गैस चैंबर! लोनी की हवा देश में सबसे जहरीली - लोनी की हवा हुई सबसे जहरीली
दिल्ली-NCR में प्रदूषण का कहर लगातार जारी है. गाजियाबाद गुरुवार को गैस चैंबर में तब्दील हो गया. लोनी में प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. यहां का AQI डार्क रेड जोन में रिकॉर्ड किया गया है.
नई दिल्ली/गाजियाबाद : गाजियाबाद आज गैस चैंबर में तब्दील हो गया है. शहर में प्रदूषण स्तर डार्क रेड जोन में पहुंच गया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक गाजियाबाद का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) 411 पहुंच गया है.
हवा में घुल रहे प्रदूषण के ज़हर ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है. वायु प्रदूषण के चलते लोगों को स्वांस संबंधी दिक्कतें महसूस हो रही हैं. गुरुवार को शहर में प्रदूषण का स्तर डार्क रेड जोन में रिकॉर्ड किया गया. हवा में घुली जहर की मात्रा बढ़ने से बच्चों और बुजुर्गों के साथ ही मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ज्यादातर अस्पतालों में सांस के मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है. इसके अलावा परिंदों और अन्य जीवों पर भी प्रदूषण का घातक असर हो रहा है.
गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक, लोनी का AQI 411
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक गाजियाबाद का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) 411 है.
एक नजर दिल्ली-NCR में प्रदूषण के स्तर पर
गाजियाबाद
411
दिल्ली
423
ग्रेटर नोएडा
412
नोएडा
432
गुरुग्राम
362
फरीदाबाद
452
गाजियाबाद के लोनी इलाके का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स जनपद में सबसे अधिक दर्ज किया गया है. लोनी का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 436 दर्ज किया गया है.
विशेषज्ञों के मुताबिक हवा में मौजूद बारीक कण (10 से कम पीएम के मैटर), ओजोन, सल्फर डाईऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड और कार्बन डाई ऑक्साइड सांस की नली में सूजन, एलर्जी और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं. एयर क्वॉलिटी इंडेक्स जब 0-50 होता है तो इसे 'अच्छी' श्रेणी में माना जाता है. 51-100 को 'संतोषजनक', 101-200 को 'मध्यम', 201-300 को 'खराब', 301-400 को 'अत्यंत खराब', 400-500 को 'गंभीर' और 500 से ऊपर एयर क्वॉलिटी इंडेक्स को 'बेहद गंभीर' माना जाता है.
प्रदूषण से बचाव के लिए खास सावधानी बरतें!
• बच्चे, बुजुर्ग और दमा रोगी सुबह-शाम न टहलें.
• घर से मास्क लगाकर ही बाहर जाएं.
• दमा रोगी इन्हेलर का नियमित इस्तेमाल करें.
• दमा रोगी दवा नियमित रूप से लें.
• शाम को गर्म पानी की भाप जरूर लें.
• गले में खराश होने पर गुनगुने पानी से गरारा करें.