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महागठबंधन के नव निर्वाचित विधायकों की बैठक, तेजस्वी ने दी सीख - अभिभावक बने तेजस्वी

सरकार गठन के बाद बिहार में विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो चुकी है. प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने अपने सभी विधायकों को उनकी भूमिकाओं के बारे में विस्तार से बता दिया है. विपक्ष में रहते हुए उन्हें किस तरह से सरकार से सवाल पूछना है, मीडिया को कितनी बात बतानी है और कैसे अद्यतन सूचनाओं से अवगत रहना है, तेजस्वी ने एक अभिभावक की तरह नव निर्वाचित विधायकों को सीख दी. पेश है बैठक की एक्सक्लूसिव जानकारी बिहार ब्यूरो प्रमुख अमित भेलारी की रिपोर्ट के साथ.

महागठबंधन विधायकों की बैठक
महागठबंधन विधायकों की बैठक

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Published : Nov 24, 2020, 10:41 PM IST

Updated : Nov 25, 2020, 1:30 AM IST

पटना :अपने नए विधायकों के साथ महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने बैठक की. उन्हें आने वाले समय में किस तरह से काम करना है और विधानसभा में कैसे अपनी बात रखनी है, इस पर उन्होंने अपने अनुभव साझा किए. तेजस्वी आज इन विधायकों के सामने अभिभावक की भूमिका में ज्यादा दिखे.

महागठबंधन के विधायकों की बैठक में ईटीवी भारत भी मौजूद था. बैठक में अवध बिहारी चौधरी के नाम पर सहमति बनाकर उन्हें स्पीकर पद के लिए चुनाव लड़ने पर फैसला लिया गया.

तेजस्वी ने बैठक की शुरुआत में पार्टी और विधानसभा के अंदर अनुशान बरकरार रखने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि आपलोगों के सामने बहुत सारी नई चीजें आएंगी. कठिनाइयां भी होंगी, लेकिन आप इससे कभी भी परेशान नहीं होइएगा.

महागठबंधन विधायकों की बैठक में तेजस्वी व अन्य नेता

उन्होंने खुद अपना अनुभव साझा किया. तेजस्वी ने कहा कि आप सब लॉ मेकर्स हैं. आपके सामने अलग-अलग चीजें आती रहेंगी. लिहाजा, आपकी जवाबदेही बढ़ जाती है. आगे आपको बहुत ही सावधानी से अपना काम करना होगा.

अपने अनुभव साझा करते हुए तेजस्वी ने कहा कि जब मैं पहली बार विधायक बना था, तो मैंने भी बहुत चीजें सीखीं थीं. उन्होंने कहा कि राजनीति में आप हर दिन नई-नई बातें सीखते रहते हैं. अगर आप विधानसभा की कार्यवाही पर ध्यान देंगे, तो आपको हिंदी भी बहुत कठिन लगेगी. लेकिन धीरे-धीरे आप इससे अवगत हो जाएंगे. मुझे याद है कि जब मेरे ऑफिशियल ने मुझे 'संचिका' देखने की बात कही, तो उस समय मुझे पता नहीं नहीं चला आखिर संचिका क्या होती है. यह बहुत ही छोटी चीज है. इसी तरह से बहुत सारी बातें आएंगी.

26 साल की उम्र में उप-मुख्यमंत्री बने थे तेजस्वी
तेजस्वी 2015 में विधायक बने थे. उसके बाद मात्र 26 साल की उम्र में वह उप मुख्यमंत्री बन गए. 17 महीने तक वह इस पद पर रहे. सड़क एवं परिवहन मंत्री और भवन निर्माण मंत्रालय का कार्यभार संभाला.

2017 में वह प्रतिपक्ष के नेता बने. तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप भी उस बैठक में मौजूद थे. कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा भी बैठक में उपस्थित थे. राजद के 46 विधायक पहली बार चुनकर आए हैं.

तेजस्वी ने कहा कि एनडीए जिन वादों को लेकर चुनाव में गया था. यह हम सबकी जवाबदेही है कि उन मुद्दों को बार-बार उठाते रहें और सरकार से पूछें कि इनका क्या हुआ. हमारी पहली प्राथमिकता रोजगार का मुद्दा होगा.

उन्होंने कहा कि आप सबके लिए दो अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं. पहला ग्रुप 'महागठबंधन' नाम से है और दूसरा 'आरजेडी2020' के नाम से है. आरजेडी वाले ग्रुप में आपको पार्टी स्तर पर होने वाली चर्चाओं की जानकारी दी जाएगी. कौन सा एजेंडा हमलोगों को उठाना है, इसके बारे में बताया जाएगा.

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तेजस्वी ने कहा कि आप लोग बहुत ही गंभीरता से इन ग्रुपों पर ध्यान रखेंगे. लगातार आपको मैसेज चेक करते रहना है. कम से कम दिन में दो बार तो जरूर चेक कर लें. इससे राजद और महागठबंधन के अंदर होने वाली राजनीतिक हलचल की हरेक जानकारी से आप अपडेट रहेंगे. अगर किसी को व्हाट्सएप चलाने में समस्या आएगी, तो आप किसी की मदद ले सकते हैं. बहुत महत्वपूर्ण सूचनाएं हों, तभी आप लोग इस ग्रुप में साझा कर सकते हैं. कोई भी व्यक्तिगत जानकारी यहां साझा नहीं करें, नहीं तो ग्रुप का उद्देश्य खत्म हो जाएगा.

बिहार चुनाव में तेजस्वी ने कीं 251 रैलियां
आपको बता दें कि तेजस्वी ने इस बार महागठबंधन का प्रचार अकेले ही अपने कंधों पर उठा लिया था. उऩ्होंने अकेले 251 रैलियां कीं. राजद को 75 सीटें मिलीं. यह सबसे बड़ी पार्टी भी बनी.

मीडिया को लेकर तेजस्वी ने कहा कि सभी विधायकों को बहुत ही सावधानी बरतनी चाहिए. जिस मुद्दे पर आपको जानकारी न हो, तो उस पर कुछ न बोलें.

तेजस्वी ने कहा कि मीडिया के साथी आपसे कई सवाल पूछेंगे. सवाल पूछना उनका अधिकार है. लेकिन आपको उसके बारे में पता नहीं है, तो कृपया उसके बारे में न बोलें. आप भ्रमित नहीं होइएगा. आप बाईट मत दीजिए. और किसी विषय पर आपको जानकारी न हो और मीडिया आपसे बाईट चाहता है, तो आप कहें कि आप पार्टी लाइन और पार्टी नेतृत्व के साथ हैं.

उन्होंने कहा कि कई बार कुछ नेताओं के बयान आते हैं, जो पार्टी लाइन से बिल्कुल इतर होते हैं. आप सावधान रहें, कि ऐसी स्थिति न आए.

बैठक में उपस्थित सभी विधायकों ने उन्हें गंभीरता से सुना और उनकी बातों से सहमति भी जताई. यह बैठक करीब एक घंटे तक चली.

Last Updated : Nov 25, 2020, 1:30 AM IST

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