सुकमा:शनिवार को सुबह 8:30 बजे सात हाइवा गिट्टी को नवीन कैम्प बेदरे तक ले जाने के लिए जगरगुंडा थाना से रवाना हुई. इस दौरान आश्रमपारा के कुछ ही दूर यू आकार में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया. जिसमें तीन जवान शहीद हो गए. वहीं घटना स्थल पर जांच के दौरान पेड़ पर गोली के निशान मिले हैं. जिसकी जांच की जा रही है.
यू शेप में एम्बुश लगाकर जवानों को नक्सलियों ने फंसाया: ग्रामीणों ने बताया कि "शनिवार को सुबह 10 बजे के बाद जगरगुंडा से बेदरे तक रोड ओपनिंग पार्टी को लगाया जाना था. लेकिन डीआरजी की टीम को बिना किसी सड़क सुरक्षा के जगरगुंडा से 10 किलोमीटर दूर बेदरे कैम्प गिट्टी छोड़ने के लिए बाइक से भेजा गया. जिसके कारण नक्सलियों ने यू शेप में एम्बुश लगाकर घटना को अंजाम दिया."
11 वर्षीय कुणाल के सर से पिता का उठ गया साया:शहीद रामूराम नाग का पुत्र कुणाल जो कि इस वक्त तकरीबन 11 वर्ष का है और आईएमएसटी दोरनापाल में 6वीं का छात्र है. इतने कम उम्र में पिता का साया बच्चे के सर से उठ गया. रविवार को नम आंखों से बेटे ने अपने पिता को विदाई दी. रामूराम नाग के अंतिम संस्कार में पूरा गांव शामिल हुए और शहीद जवान अमर रहे के नारों के साथ अंतिम विदाई दी गई.
sukma naxalite attack: सुकमा नक्सली हमले में शहीद जवान को अंतिम विदाई, डीजीपी अशोक जुनेजा भी अंतिम यात्रा में हुए शामिल - रोड ओपनिंग पार्टी
शनिवार को जगरगुंडा के समीप हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ में तीन जवान शहीद हो गए. जिनका अंतिम संस्कार रविवार को जगरगुंडा में किया गया. इस बीच शहीदों के परिजनों से मिलने और जवानों का मनोबल बढ़ाने डीजीपी, सीआरपीएफ एडीजी समेत कई अधिकारी जगरगुंडा पहंचे. वहीं शहीद जवान रामूराम नाग को जगरगुंडा के ग्रामीणों ने शहीद जवान अमर रहे के नारों के साथ अंतिम विदाई दी.last rites of martyr policeman performed
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डीजीपी अशोक जुनेजा अंतिम विदाई में हुए शामिल:इस घटना के बाद रविवार को डीजीपी अशोक जुनेजा, सीआरपीएफ एडीजी वितुल कुमार, एडीजी नक्सल अभियान विवेकानंद सिन्हा, आईजी बस्तर रेंज सुन्दरराज पी,आईजी सीआरपीएफ साकेत सिंह, डीआईजी राजेंद्र नारायण दास और सुरक्षाबलों के आला अधिकारी मौजूद थे.
अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया: सभी अधिकारियों ने मुठभेड़ के पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. जिसके बाद डीपीजी अशोक जुनेजा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कल पुलिस नक्सल मुठभेड़ में शहीद हुए रामूराम नाग निवासी जगरगुण्डा, आरक्षक कुंजाम जोगा निवासी जगरगुण्डा और आरक्षक वंजाम भीमा निवासी मरकागुड़ा के परिजनों से मिलकर उनके परिजनों को ढांढस बंधाया. साथ ही जल्द ही अनुकंपा नियुक्ति और अन्य सुविधाओं को दिलाये जाने का आश्वासन दिया.