नई दिल्ली: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने छोटे से राजनीतिक करियर के दौरान असंख्य उपलब्धियां हासिल कीं, जो बहुत ही 'क्रूर तरीके' से समाप्त हुआ. वह नई दिल्ली में आयोजित 25वें राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार समारोह में बोल रहीं थीं.
हालांकि, सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर भी हमला किया. उन्होंने आगे कहा कि सांप्रदायिक सद्भाव, शांति और राष्ट्रीय एकता के आदर्श वर्तमान समय में और अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं, जब नफरत, समाज में विभाजन, कट्टरता और पूर्वाग्रह की राजनीति को बढ़ावा देने वाली ताकतें अधिक सक्रिय हो रही हैं. उन्होंने कहा, 'उन्हें सत्तारूढ़ सरकार का भी समर्थन मिल रहा है.' सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के अन्य नेता रविवार को दिल्ली में 25वें राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार कार्यक्रम में शामिल हुए.
इस मौके पर सोनिया ने कहा, 'वह देश की विविधता के प्रति बहुत संवेदनशील थे. उन्हें देश की सेवा करने के लिए जो भी समय मिला, उन्होंने अनगिनत उपलब्धियां हासिल कीं. वह देश के प्रति समर्पित थे. उन्होंने पंचायत और नगर पालिकाओं में महिलाओं के 1/3 आरक्षण के लिए संघर्ष किया. अगर आज 15 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि ग्रामीण और शहरी निकायों में हैं, तो यह केवल राजीव गांधी की कड़ी मेहनत और दूरदर्शिता के कारण है. उनकी सरकार ने वोट देने की उम्र भी 21 साल से घटाकर 18 साल की थी.'
राजीव गांधी ने 1984 में अपनी मां और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस की कमान संभाली. अक्टूबर 1984 में पदभार ग्रहण करने पर वह 40 वर्ष की आयु में भारत के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने. उन्होंने 2 दिसंबर 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया. 20 अगस्त 1944 को जन्मे राजीव गांधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी रैली के दौरान लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के आत्मघाती हमलावर ने हत्या कर दी थी.