अलीगढ़ :उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्कूल के बच्चों को खराब मिड-डे-मील मिलने को लेकर अभिभावकों ने जमकर हंगामा मचाया. यह स्कूल अकराबाद स्थित फरीदपुर प्राथमिक विद्यालय (Faridpur Primary School) है. अभिभावकों का आरोप है कि यहां बच्चों को मध्याह्न भोजन सही तरीके से नहीं मिलता है. वहीं, बुधवार को बच्चों को दूध देने का टर्म था, लेकिन दूध में भी पानी की मिलावट थी. जिसे देखने के बाद अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा.
फरीदपुर प्राथमिक विद्यालय में करीब डेढ़ सौ छात्र पढ़ते हैं. इस स्कूल में डेढ़ सौ छात्रों के लिए सिर्फ चार लीटर दूध आता है. उसमें दो लीटर पानी मिला दिया जाता है. फिर वही दूध बच्चों में बांट दिया जाता है. हालांकि, डेढ़ सौ बच्चों को करीब 20 लीटर दूध मिलना चाहिए, लेकिन बच्चों ने अपना गिलास दिखाया, जिसमें आधे से भी कम ग्लास में दूध भरा हुआ था. बच्चों ने जब इसकी शिकायत अभिभावकों से की को बताया. उसके बाद फिर स्कूल में हंगामा खड़ा हो गया.
छात्रों ने बताया कि यहां दूध में पानी मिलाकर खानापूर्ति की जाती है. वहीं, खराब चावल और भूसी की बनी रोटी दे दी जाती है. छात्रों को यहां पानी की सुविधा भी नहीं है. इतना ही नहीं टॉयलेट जाने के लिए बच्चों को बाहर जाना पड़ता है, जबकि स्कूल में बना टॉयलेट टीचर यूज करते हैं. छात्र शिक्षकों से कुछ कह नहीं पाते हैं, लेकिन बुधवार को बच्चों ने जब अपने घर पर मिड-डे-मील की हकीकत बताई तो अभिभावक स्कूल पहुंचकर हंगामा करने लगे और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की.
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अभिभावक रफन खान ने बताया कि पिछले 15 साल से स्कूल का विकास नहीं हुआ है. सरकार स्कूलों में सुविधाएं तो दे रही है, लेकिन छात्रों को इसका लाभ नहीं मिल रहा. तक पहुंच नहीं रहा है. स्कूल में जो खाने का सामान आता है उसमें बहुत खामियां होती है. कोरोना और डेगू काल में बच्चों को कोई सुविधा नहीं दी गई है. जहां बच्चों को खाने में 100 ग्राम चावल मिलने चाहिए. वहां 20 ग्राम ही मिलता हैं. वहीं अगर दो लीटर दूध आता है तो उसमें चार लीटर पानी मिलाकर बच्चों को दिया जाता है. छात्र फहद ने बताया रोटी बहुत कम मिलता है और खाना सही नहीं दिया जाता है. इसके साथ ही टॉयलेट के लिए पड़ोस में जाना पड़ता है.
छात्रा प्रतिभा ने बताया कि सब्जी और रोटी बहुत कम दिया जाता है और दूध आधे गिलास से भी कम दिया जाता है. प्रतिभा ने बताया कि खाना सही नहीं बनता है. छात्रा परवीन ने बताया कि चावल उबले हुए मिलते हैं, जिसमें न नमक होता है न मिर्च होती है. आपको बतां दे कि इससे पहले भी अकराबाद इलाके में सरकारी स्कूल में मिड-डे-मिल को लेकर अभिभावकों ने हंगामा किया था, जिसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे. वहीं फिर से बेसिक स्कूल में मिड-डे-मिल में बड़ी लापरवाही देखने को मिली है.
इस मामले में विद्यालय की प्रधानाचार्य बानो ने बताया कि खाने की व्यवस्था गांव के प्रधान देखते हैं. कई बार खाने को लेकर शिकायत भी की गई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि प्रधान जैसा भोजन मुहैया कराते हैं वैसा ही छात्रों को मिलता है.