गुवाहाटी : रोहिंग्या घुसपैठ भारतीय एजेंसियों के लिए चिंता का विषय रही है. दावा किया जाता है कि रोहिंग्या असम के माध्यम से भारत के विभिन्न हिस्सों में घुसपैठ कर रहे हैं. बांग्लादेश से लगे त्रिपुरा और असम की सीमा के रास्ते भारत के विभिन्न हिस्सों में रोहिंग्याओं की घुसपैठ के बारे में पहले भी विभिन्न एजेंसियां चिंता जता चुकी हैं. इन्हें रोकने के लिए एसटीएफ असम ने एक ऑपरेशन शुरू किया है.एसटीएफए ने हाल ही में एक छापेमारी में फर्जी दस्तावेज बना कर घुसपैठ में मदद करने वाले 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसटीएफ असम ने इसकी जानकारी दी. उप महानिरीक्षक पार्थसारथी मोहंती ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बांग्लादेशी रोहिंग्या प्रवासियों को भारत में प्रवेश करने में मदद करने वाले गिरोहों पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में ऑपरेशन शुरू किया गया था. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के कई अधिकारियों के नेतृत्व में एसटीएफ असम ने 28 जुलाई से 30 जुलाई तक पांच टीमों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाया और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया.
गिरफ्तार आठ लोगों के खिलाफ आरोप है कि इन्होंने त्रिपुरा सीमा के माध्यम से बांग्लादेश से रोहिंग्या को भारत में प्रवेश करने में मदद की. फर्जी भारतीय दस्तावेज उपलब्ध कराए और करीमगंज के धर्म नगर, कुमारघाट, बदरपुर से जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद, मुंबई और पश्चिम बंगाल तक ट्रेन द्वारा यात्रा करने के लिए त्रिपुरा और असम के रास्ते का इस्तेमाल किया. इन आरोपियों ने कथित रूप से घुसपैठियों को फर्जी दस्वावेज भी मुहैया कराये.