नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ईवीएम वोटों की गिनती की शुरुआत में मतदाता-सत्यापन योग्य पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) सत्यापन करने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर कल (बुधवार को ) सुनवाई के लिए सहमत हो गया है. वीवीपीएटी का सत्यापन वोटो की गिनती खत्म होने के बाद किया जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ' भारत के चुनाव आयोग को सूचित करें, देखते हैं कि क्या किया जा सकता है.'
वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि वर्तमान में वोटों की गिनती खत्म होने के बाद वीवीपीएटी का सत्यापन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस वक्त तक सभी चुनाव एजेंट चले जाते हैं, इसलिए इसमें कोई पारदर्शिता नहीं है. उन्होंने कहा कि उनकी मांग पर कोर्ट ने सुनवाई करने पर सहमति जतायी.
इस पर बोलते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) एन. वी. रमना ने कहा कि इस संबंध में 2019 दिशानिर्देश हैं और 8 अप्रैल के सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला दिया. यह आदेश विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा दायर एक याचिका में पारित किया गया था जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत मतदान केंद्रों के वीवीपीएटी पेपर ट्रेल के भौतिक सत्यापन की मांग की गई थी.