मुंबई : जबरन वसूली के आरोपों का सामना कर रहे मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने अपने निलंबन का आदेश स्वीकार कर लिया है और महाराष्ट्र के गृह विभाग को इसकी पावती भी मिल गई है.
वर्तमान में होम गार्ड्स के महानिदेशक के पद पर तैनात सिंह को मुंबई और ठाणे में कथित तौर पर जबरन वसूली के कम से कम पांच मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग ने निलंबित कर दिया था. परमबीर सिंह पर अनुशासनहीनता के भी आरोप लगे हैं.
सूत्रों के मुताबिक, परमबीर ने अपने निलंबन को अवैध करार देते हुए निलंबन का आदेश स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. लेकिन शुक्रवार को उन्होंने निलंबन नोटिस स्वीकार कर लिया.
1988 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह (59) को निलंबित करने के आदेश को उस दिन मंजूरी दी गई थी, जिस दिन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को 12 नवंबर को रीढ़ की सर्जरी के बाद मुंबई के एक निजी अस्पताल से छुट्टी मिली थी.
एक अधिकारी ने कहा कि निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि सरकार ने उनके खिलाफ कुछ अनियमितताओं और खामियों को लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है, जिसमें ड्यूटी से अनधिकृत अनुपस्थिति शामिल है.
सूत्रों ने कहा कि सिंह पिछले छह महीने में महाराष्ट्र होमगार्ड प्रमुख नियुक्त किए जाने के बाद ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए हैं. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के आधार पर उन्हें 29 अगस्त तक की छुट्टी दी गई थी, लेकिन उसके बाद भी वह ड्यूटी पर नहीं आए.