जयपुर: कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए गहलोत सरकार नो डोज नो एंट्री की सख्ती करने जा रही है. जिसके तहत 30 जनवरी के बाद जो डबल डोज वैक्सीनेटेड नहीं होंगे तो उन्हें कहीं भी एंट्री नहीं मिलेगी. गहलोत सरकार के इस सख्ती से पहले जयपुर के पंडितों ने भी ये फैसला लिया है कि जब तक दूल्हा-दुल्हन को दोनों वैक्सीन नहीं लगी होगी तब तक शादी (NO Vaccine No Weeding) नहीं कराएंगे.
No Vaccine No Wedding in Jaipur : पंडित का वचन, वर-वधू का टीकाकरण तभी कराएंगे सात फेरे - No Vaccine No marriage in jaipur
जयपुर में शादी पर वैक्सीन की दो डोज (No Vaccine No Wedding) भारी पड़ गई है. अगर दूल्हा-दुल्हन को वैक्सीन की दोनों डोज नहीं लगी होगी तो पंडित उनकी शादी नहीं कराएंगे.
मियां बीबी राजी तो क्या करेगा काजी ये कहावत आपने जरूर सुनी होगी, लेकिन राजधानी में अब ये कहावत सार्थक नहीं होगी क्योंकि अब यहां दूल्हा-दुल्हन की शादी से पहले पंडित की रजामंदी भी जरूरी होगी. ये रजामंदी होगी दोनों वैक्सीन लगे होने की.
दरअसल, सर्व ब्राह्मण महासभा की सोमवार को हुई प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित की गई. जिसमें कोरोना काल में ब्राह्मण समाज की भूमिका और आगामी गतिविधियों पर चर्चा हुई. इस दौरान कोविड संकट को देखते हुए महासभा ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी शादी विवाह के सीजन में सभी पंडित, दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजनों से दोनों वैक्सीन लगवाने के लिए आग्रह करेंगे. यदि किसी दूल्हा-दुल्हन के दोनों वैक्सीन नहीं लगी होगी तो पंडित उनकी शादी का बहिष्कार करेंगे.
इस दौरान कोरोना काल में वैक्सीन को लेकर सभी की जागरूकता और ज्यादा से ज्यादा लोगों को आग्रह करते हुए कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखने और इसका प्रचार करने का भी फैसला लिया गया.