श्रीनगर: कश्मीर घाटी में सक्रिय मुख्य राजनीतिक पार्टियों ने जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग (Jammu and Kashmir Delimitation Commission) की सिफारिशों को अस्वीकार्य करार देते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पूरी कवायद भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए की जा रही है.
प्राप्त सूचना के अनुसार, केन्द्र शासित प्रदेश में विधानसभा सीटों का क्षेत्र तय करने वाले परिसीमन आयोग ने अपने पांच सहयोगियों के साथ चर्चा के बाद 'पेपर 1' में जम्मू क्षेत्र में छह और कश्मीर क्षेत्र में एक अतिरिक्त विधानसभा सीटों के गठन की बात कही है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, 'जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग (Jammu and Kashmir Delimitation Commission) की सिफारिश का मसौदा अस्वीकार्य है. नयी विधानसभा सीटों में से जम्मू में छह और कश्मीर में महज एक का होना, 2021 की जनगणना के अनुरुप नहीं है.
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आयोग ने अपनी सिफारिशों में भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को पूरी-पूरी जगह दी है. अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘यह बेहद निराशाजनक है, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि आयोग ने अपनी सिफारिश में भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को पूरी-पूरी जगह दी है, जबकि उसे सिर्फ आंकड़ों के आधार पर फैसला लेना चाहिए था. वैज्ञानिक तरीके अपनाने का वादा करके उसके विपरीत राजनीतिक तरीका अपनाया जा रहा है.
पीपुल्स कांफ्रेंस (पीसी) के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने कहा कि सिफारिशों से 'भेदभाव की बू आ रही है.' लोन ने ट्वीट किया, 'परिसीमन आयोग की सिफारिशें पूरी तरह अस्वीकार्य हैं. उनसे भेदभाव की बू आ रही है. जो लोकतंत्र में यकीन रखते हैं उनके लिए ये बेहद आश्चर्य की बात है.'