मुंबई : गोरेगांव के नेस्को (NESCO ) में बच्चों के देश के पहले 400 बेड वाले बाल चिकित्सा कोविड सेंटर की स्थापना शीघ्र की जाएगी. इसे एक महीने के अंदर तैयार कर लिया जाएगा.
इस बारे में मुंबई नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने ईटीवी भारत को बताया कि पहला स्वतंत्र बाल चिकित्सा वार्ड मुंबई के सभी कोविड केंद्रों में नगरपालिका अस्पताल के क्षेत्रों में स्थापित किया जाएगा. इसके अलावा NESCO में 400 बेड का बाल चिकित्सा केंद्र तैयार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना की तीसरी अधिक घातक होगी और इसमें बच्चे अधिक प्रभावित होंगे. हालांकि कोरोना की पहली लहर में वरिष्ठ नागरिक तथा दूसरी लहर में सबसे अधिक युवा प्रभावित हुए थे.
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हालांकि कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण कराया जा रहा है. चूंकि 18 साल के कम उम्र के बच्चों को टीका नहीं लगाया जाएगा इसलिए इनके ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है. इस बीच मुंबई में 4 मई तक नगर पालिका के औपचारिक आंकड़ों के अनुसार, 0 से 10 वर्ष के बीच के 11,144 बच्चे प्रभावित हुए. इनमें 55 प्रतिशत लड़के और 45 प्रतिशत लड़कियां शामिल थीं. महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से केवल 17 बच्चों की जान गई. वहीं, 11 से 20 वर्ष की आयु के 28,869 बच्चे प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 55 प्रतिशत लड़के थे और 45 प्रतिशत लड़कियां थीं, जिनमें से 33 की मृत्यु हो गई. राज्य को ध्यान में रखते हुए कुल संक्रमित रोगियों में से केवल 3 प्रतिशत 0 से 10 वर्ष की आयु के हैं, जबकि 6 प्रतिशत संक्रमित 11 से 20 वर्ष के आयु वर्ग में हैं.
बाल चिकित्सा कोविड केंद्र को एक महीने में स्थापित किया जाना है, क्योंकि विशेषज्ञों ने तीसरी लहर की गंभीरता के बारे में चेतावनी दी है. इस संबंध में बात करते हुए नेस्को के सेंटर फेज -2 के डीन डॉ. राजेश डेरे ने कहा कि यहां पहला स्वतंत्र 400 बेड का पीडियाट्रिक कोविड सेंटर बनाया जाएगा. इसमें ऑक्सीजन और आईसीयू बेड शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि यहां पर बच्चों के इलाज के लिए सभी सुविधाएं और बाल रोग विशेषज्ञ होंगे.