आगरा: ताजमहल की बाउंड्रीवॉल से 500 मीटर परिधि में व्यावसायिक गतिविधियां बंद होंगी या मोहलत मिलेगी, इस पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एडीए के सर्वे और नोटिस को लेकर ताजगंज वेलफेयर फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस पर सुनवाई के चलते मंगलवार शाम ही ताजगंज डवलपमेंट फाउंडेशन और ताजगंज वेलफेयर फाउंडेशन के पदाधिकारी दिल्ली पहुंच गए हैं. इसके साथ ही आज सुप्रीम कोर्ट में पश्चिमी गेट से विस्थापित किए गए 71 दुकानदारों की याचिका पर भी सुनवाई है.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका 13381/1984 एमसी मेहता बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य में 26 सितंबर 2022 को ताजमहल की बाउंड्रीवॉल से 500 मीटर के दायरे में सभी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के आदेश आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) को दिए थे. इस पर एडीए ने सर्वे किया और 17 अक्टूबर 2022 की तिथि तक व्यवसायिक गतिविधियां बंद करने के दुकानदार, होटल मालिक, रेस्टोरेंट मालिक, फैक्ट्री मालिक, हैंडीक्राफ्ट एम्पोरियम मालिक समेत अन्य को नोटिस दिया था. इसको लेकर ताजगंज की जनता और कारोबारियों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाई. मुख्य सचिव और सीएम योगी से लोग मिले तो सुनवाई हुई और एडीए ने तीन माह की मोहलत दी. इससे लोगों की पहले जैसी दीपावली मनी और एडीए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी.
पाबंदी के बाद एडीए ने कराए निर्माण कार्य