मुंबई : कोविड-19 की दूसरी लहर डेल्टा वैरिएंट के कारण आई थी. अब डेल्टा प्लस वैरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, केरल और तमिलनाडु में इससे 40 लोग संक्रमित पाए गए हैं. मध्य प्रदेश में इससे एक मौत भी हो चुकी है. केंद्र सरकार ने भी माना है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट चिंता का कारण बना हुआ है.
इस बीच महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि 15 मई से आज तक इकट्ठे किए गए 7,500 सैंपल में से अभी तक डेल्टा प्लस वेरिएंट के करीब 21 मामले आए हैं. डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामलों की बारीकी से निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं. इन मामलों के बारे में जानकारी एकत्र करने और अध्ययन के लिए हम हर जिले से 100 सैंपल ले रहे हैं.
पर्याप्त आंकड़े नहीं: महाराष्ट्र कोविड कार्यबल सदस्य
वहीं, महाराष्ट्र के कोविड-19 कार्य बल के सदस्य डॉ. शशांक जोशी ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस के 'डेल्टा प्लस' स्वरूप को लेकर चिंता करने के संबंध में पर्याप्त आंकड़े नहीं हैं.
डॉ. जोशी ने बुधवार को ट्वीट किया, 'चिंता का स्वरूप, टीका और घबराहट. डेल्टा प्लस स्वरूप को लेकर चिंता करने के लिए पर्याप्त आंकड़े नहीं हैं. हमें केवल इस बात की चिंता करनी चाहिए कि हम दो मास्क लगाकर, भीड़भाड़ से बचकर और टीका लगवाकर कोविड अनुकूल व्यवहार का सख्ती से पालन करते रहें. डेल्टा प्लस स्वरूप अज्ञात है और इसमें संक्रमण अधिक हो सकता है.'