अलवर. जाट समाज के कार्यक्रम में अलवर पहुंचे पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने केंद्र सरकार को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि अगर आने वाले तीनों विधानसभा चुनाव में भाजपा को नहीं हराया गया, तो मणिपुर जैसे हालात इन राज्यों में भी होंगे. मणिपुर में हिंसा हो रही है. देश जल रहा है और देश के प्रधानमंत्री अमेरिका जा रहे हैं. आखिर अमेरिका में ऐसा क्या रखा है ? केंद्र सरकार मणिपुर के मुद्दे पर चुप है. देश के प्रधानमंत्री ने अभी तक मणिपुर के मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है.
लोगों को मारा जा रहा है व उनके घरों को जलाया जा रहा है. लेकिन एक बार भी प्रधानमंत्री वहां नहीं गए. पहलवानों के मुद्दे पर पूर्व राज्यपाल ने कहा कि यह शर्म की बात है जब पहलवान जीत कर आते हैं, तो उनको बुलाया जाता है और उनको सम्मानित किया जाता है. उस समय उन्हीं पहलवानों को बहन बेटी कहा जाता है. उन्होंने कहा कि खाप पंचायत अपनी जगह है. लेकिन एक बार अगर राजस्थान में पहलवानों ने मीटिंग की, तो केंद्र सरकार नाक रगड़ कर उनसे बातचीत करेगी. सतपाल मलिक ने कहा कि मैं किसी पार्टी में नहीं जाऊंगा और न चुनाव लडूंगा. लेकिन जो अच्छा कैंडिडेट होगा उसके समर्थन में प्रचार जरूर करूंगा.
सतपाल मलिक ने कहा कि प्रदेश में वसुंधरा राजे को भाजपा लेकर नहीं आएगी और बिना वसुंधरा राजे के प्रदेश में कोई काम नहीं होगा. तो वहीं कांग्रेस पर उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत व सचिन पायलट के मुद्दे को कांग्रेस को सुलझा लेना चाहिए. एमएसपी मुद्दे का समाधान करने के लिए केंद्र सरकार की नीयत नहीं है. क्योंकि इसमें सरकार के करीबी अडानी जैसे बड़े उद्योगपतियों का नुकसान होगा. प्रदेश में जाट मुख्यमंत्री के मुद्दे पर सतपाल मलिक ने कहा कि खुद जाट समाज इसके लिए जिम्मेदार है. पिछली सरकार में क्रॉस वोटिंग जाट विधायकों ने की, लेकिन इस बार प्रयास किए जाएंगे कि प्रदेश में जाट मुख्यमंत्री बने.