भोपाल।लोकसभा में धरना-प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई है. इस मामले को लेकर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि, लोकसभा में जो प्रस्ताव आया है उस प्रस्ताव को मध्यप्रदेश विधानसभा में भी लागू करना अच्छा होगा. विधानसभा और लोकसभा के परिसर में बाहुबल और प्रदर्शन का काम नहीं है. वहां नेताओं को सिर्फ बुद्धि कौशल दिखाने की जरूरत होती है. इसके साथ ही बस हादसे की जानकारी देते हुए उन्होंने नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों को लेकर दिग्विजय सिंह पर पलटवार किया.
इस विषय पर विचार की जरूरत: गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के ने कहा कि, लोकसभा की तर्ज पर एमपी में भी विधानसभा में इसे लागू करने के बारे में सोचा जा सकता है. विधानसभा और लोकसभा का फ्लोर संवाद और चर्चा के लिए मिला है. इस प्रस्ताव के लागू होने से विधानसभा भवन में शोर शराबे से दूर जनता के हित की बात होगी. इससे आम जनता को लाभ मिलेगा. हमें लगता है कि इस विषय पर गहरी चर्चा की जानी चाहिए.
CBSE सिलेबस से हटाए गए आक्रांताओं के पाठ:सीबीएसई के पाठ्यक्रम से कुछ आक्रांताओ के पाठ को हटाने को लेकर गृहमंत्री ने कहा कि, मैं इसका स्वागत करता हूं. मध्य प्रदेश की सरकार भी समीक्षा करेगी की इस तरह की किसी भी आक्रांताओं के पाठ हमारे पाठ्यक्रम में ना हो. इसके साथ ही मध्य प्रदेश में हुए बस हादसे पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि, 12 लोगों की डेड बॉडी मिली है. जिसे परिजनों को सौंपा गया है. बस में 7 सवारी महाराष्ट्र के थे. 4 राजस्थान के. और 1 मध्य प्रदेश के इंदौर का. एनडीआरएफ की टीम भोपाल से गई थी. सरवटे बस स्टैंड से मिली जानकारी के अनुसार उस में 12 लोग सवार थे. हादसे को लेकर उन्होंने बताया कि मोटर साइकिल वालों को बचाने में बस बहकी और नदी में गिर गई थी.
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दिग्विजय सिंह पर निशाना:अभी तक आपने दिया तले अंधेरा सुना होगा, लेकिन हैरत की बात है कि, 'दिग्गी तले अंधेरा' हो गया है. जिस राघोगढ़ विधानसभा से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की. उस नगर पालिका में कांग्रेस को केवल 3 सीटें मिली हैं. इसके बाद भी वह खुश हैं. इसमें दिग्विजय सिंह जी की गलती कम रही है. क्योंकि टिकट तो कमलनाथ ने बांटे थे. राजगढ़ में जो स्थिति बनी वह भी कमलनाथ के दिए टिकट हैं. ऐसे ही नतीजे सामने आएंगे. कांग्रेस हार के बाद समीक्षा बैठक करेगी. इस पर गृहमंत्री ने कहा कि लगातार मैं देख रहा हूं कि पिछले दो-तीन साल से कांग्रेस लगातार हार की समीक्षा हो रही है. कभी जीत की भी करो. जब 28 विधानसभा में उप चुनाव हुए तो हार गए. चार विधानसभा और लोकसभा में चुनाव हुए तो हार गए. नगर पंचायत नगर पालिका चुनाव हुए तो हार गए. उन्होंने कहा ग्वालियर नगर निगम में बीजेपी की हार पर समीक्षा बैठक जरूर की जाएगी. हमें बहुमत मिला है. हार की समीक्षा हमेशा होनी चाहिए. विधानसभा सत्र को सितंबर में किए जाने पर गृह मंत्री ने कहा है कि विचार चल रहा है महामहिम को प्रस्ताव प्रेषित करेंगे.