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FDA के फैसले से हमारे टीकाकरण कार्यक्रम पर प्रभाव नहीं पड़ेगा : सरकार - कोवैक्सीन

अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके ‘कोवैक्सीन’ को आपात इस्तेमाल मंजूरी (ईयूए) देने से इनकार करने के मामले में सरकार ने कहा कि हम प्रत्येक देश के नियमाकीय प्रणाली का सम्मान करते हैं. लेकिन इसका असर भारत के टीकाकरण कार्यक्रम पर नहीं पड़ेगा.

कोवैक्सीन
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Published : Jun 11, 2021, 10:09 PM IST

नई दिल्ली : अमेरिकी खाद्य एवं दवा नियामक (Food and Drug Regulator-FDA) के भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की कोवैक्सीन (covaxin) के आपातकालीन उपयोग की अनुमति को खारिज करने के बीच सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह निर्णय का सम्मान करती है लेकिन इसका भारत के टीकाकरण कार्यक्रम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

अमेरिकी खाद्य एवं दवा नियामक ने इसके अमेरिकी साझेदार ओक्यूजेन इंक (Ocugen Inc.) को सलाह दी है कि वह भारतीय टीके के इस्तेमाल की मंजूरी हासिल करने के लिए अतिरिक्त आंकड़ों के साथ जैविक लाइसेंस आवेदन (बीएलए) मार्ग से अनुरोध करे.

कोवैक्सीन के आपात उपयोग की अनुमति को खारिज किये जाने संबंधी एक सवाल के जवाब में नीति आयोग (NITI Ayog) के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल (V K Paul) ने कहा कि प्रत्येक देश की अपनी नियामक प्रणाली होती है, जिसका भारत सम्मान करता है. साथ ही उम्मीद करता है कि निर्माता जो कुछ भी करने की आवश्यकता है, उसे करके इसका पालन करने में सक्षम होंगे.

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उन्होंने कहा कि प्रत्येक देश की अपनी नियामक प्रणाली होती है. कुछ मानदंड सामान्य हो सकते हैं, जबकि कुछ भिन्न हो सकते हैं, जिनका हम सम्मान करते हैं. हमारे देश की नियामक प्रणाली भी इसी तरह से निर्णय लेती है. वैज्ञानिक ढांचा समान है... ये विशेष रूप से उन देशों में वैज्ञानिक विचार हैं जहां विज्ञान मजबूत है और हमारे लिए विनिर्माण मजबूत है.

पॉल ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि हमारे निर्माता जो कुछ भी करने की आवश्यकता है, उसे करके इसका पालन करने में सक्षम होंगे. इसका हमारे कार्यक्रम पर स्पष्ट रूप से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

हम संतुष्ट हैं कि हमारे नियामक ने इसे मंजूरी दे दी है. हमारे पास सुरक्षा पर बहुत आंकड़ा है और इसलिए चरण-3 परीक्षण पर बहुत अधिक आंकड़ा था, जो उनके द्वारा जांचा गया है.

(पीटीआई-भाषा)

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