रांची :झारखंड केलातेहारजिले के मनिका प्रखंड मुख्यालय में स्थित सीआरपीएफ 133 बटालियन के ए-कैंप में पदस्थ सीआरपीएफ के जवान प्रवीण मोचरी ने अपने हथियार से गोली मारकर आत्महत्या कर ली. मृतक जवान असम के बक्सा जिले का रहने वाला था.
जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था शव
सीआरपीएफ कैंप में पदस्थ जवान ने अपने बैरक में ही शनिवार की दोपहर को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. गोली की आवाज सुनकर जब अन्य जवान वहां पहुंचे तो वहां प्रवीण खून से लथपथ जमीन पर पड़ा हुआ था.
बाद में घटना की जानकारी सीआरपीएफ के वरीय अधिकारियों को दी गई. सूचना मिलने के बाद मनिका थाना प्रभारी सूरज कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे. उसके बाद जिला प्रशासन की ओर से अंचल निरीक्षक को दंडाधिकारी बनाकर घटनास्थल पर भेजा गया, जहां जवान के शव का पंचनामा किया गया.
तनाव में था जवान
जानकारी के अनुसार जवान प्रवीण कुछ दिन पहले ही छुट्टी से वापस लौटा था. उसके बाद से ही वह तनाव में रह रहा था. अपने साथी जवानों से भी वह इन दिनों काफी कम बातचीत करता था और अक्सर दूर रहता था. जवान की आत्महत्या करने की घटना की छानबीन सीआरपीएफ के अधिकारी अपने स्तर से भी कर रहे हैं. जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर जवान ने आत्महत्या क्यों की?
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जिले में सीआरपीएफ के जवान की आत्महत्या की यह दूसरी घटना है. 17 दिसंबर को लातेहार प्रखंड के औरैया गांव में स्थित सीआरपीएफ कैंप में एक जवान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी.
घटना के 11 दिन बाद शनिवार को मनिका में सीआरपीएफ के जवान ने उसी घटना को दोहराते हुए गोली मारकर आत्महत्या कर ली. सीआरपीएफ के जवानों की ओर से आत्महत्या किए जाने की घटना से अन्य जवान और सीआरपीएफ के अधिकारी काफी सदमे में हैं.