कोलकाता : कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार की 'दुआरे राशन योजना' (duare ration) को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए)-2013 का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि यह योजना कानून की नजरों में मान्य नहीं है. उच्च न्यायालय ने यह फैसला उचित मूल्य के दुकानदारों द्वारा दाखिल याचिका पर सुनाया, जिन्होंने उसकी एकल पीठ के निर्णय को चुनौती दी थी. उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना में कुछ भी गैर-कानूनी नहीं है. वहीं कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अपील करेगी.
न्यायमूर्ति चित्तरंजन दास (Justices ChittaRanjan Dash) और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय (Justices Aniruddha Roy) की खंड पीठ ने 'दुआरे राशन योजना' को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि यह कानून की नजरों में मान्य नहीं है. पीठ ने टिप्पणी की, 'राज्य सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रभावी प्रावधान के अभाव में उचित मूल्य के दुकानदारों को लाभार्थियों के घर पर राशन पहुंचाने के लिए बाध्य कर अपनी सीमा का उल्लंघन किया है.'