नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने कहा कि देश में समूची शिक्षा प्रणाली दुरुस्त की जानी चाहिए ताकि विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये आवेदन करते समय छात्रों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति एम आर शाह की अवकाश पीठ ने महाराष्ट्र में 2019-20 के शैक्षणिक सत्र में पीजी मेडिकल और दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की. पीठ ने प्रवेश को लेकर व्याप्त अनिश्चित्तता की वजह से छात्रों की परेशानियों का जिक्र किया और कहा कि प्रतिभाशाली छात्रों के लिये इस तरह की स्थिति बेहद कठिनाई वाली है.
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पीठ ने कहा, 'हमारी चिंता छात्रों को लेकर है. यह हर साल होता है और मेडिकल या दूसरे पाठ्यक्रमों में प्रवेश के बारे में छात्रों के दिमाग में अनिश्चित्तता बनी रहती है.'