नई दिल्ली:यूं तो डॉक्टरों को धरती का ‘भगवान’ कहा जाता है, लेकिन दिल्ली मंडल के रेलवे अस्पताल में कार्यरत एक दिव्यांग लैब टेक्निशयन भी उस समय भगवान बन गए, जब उन्होंने चलती ट्रेन में एक महिला की सफल डिलीवरी कराई. थोड़ी सूझबूझ और समझदारी दिखाकर उन्होंने न सिर्फ दो जिंदगियां बचाईं, बल्कि रेलवे का नाम भी ऊंचा किया. वीडियो कॉलिंग की मदद से ये कारनामा करने वाले इस लैब टेक्निशयन का सभी तारीफ कर रहे हैं.
अब तक हमने फिल्मों में ही देखा था कि वीडियो कॉलिंग की मदद लेकर भी सफल डिलीवरी होती है. इस शख्स ने हूबहू वैसा ही कर दिखाया, जैसा फिल्म थ्री इडियट्स में आमिर खान ने किया था. असल जिंदगी में आज ये सुनील प्रजापति ने कर दिखाया. दिव्यांग होने के चलते सुनील के लिए ये चुनौती और बड़ी थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. नतीजतन, महिला और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं.
घटना शनिवार की है, जब मध्यप्रदेश संपर्क क्रांति अपने तय समय के मुताबिक ही फरीदाबाद स्टेशन से निकली थी. गाड़ी के B3 कोच में सुनील घर जाने के लिए सफर कर रहे थे. सुनील की सीट के सामने एक महिला अपनी बच्ची और छोटे भाई के साथ सफर कर रही थी.
महिला दर्द से कराह रही थी, तो सुनील से रहा न गया और वो महिला के भाई से पूछ बैठे कि आखिर क्या समस्या है. पता चला कि महिला गर्भवती है. अब तक सब कुछ सामान्य था. गाड़ी तेज गति से चल रही थी कि तभी महिला दर्द से चिल्लाने लगी. कोच में और लोगों ने भी ये आवाज सुनी, तो सभी एकत्रित हो गए.