अयोध्या : धर्म नगरी में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां जोरों पर हैं. प्रशासन समेत ट्रस्ट के पदाधिकारी लगातार बैठकें कर रहे हैं. इसी कड़ी में कविता के जरिए राष्ट्र जागरण की रणनीति तैयार की गई है. इसके तहत राष्ट्रीय कवि संगम संगठन की ओर से शनिवार को वाल्मीकि जयंती पर राष्ट्रीय अधिवेशन एवं विशाल राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन कराया जाएगा. इसमें 25 प्रांतों से लगभग 400 से अधिक कवि हिस्सा लेंगे.
राम की पैड़ी पर होगा कवि सम्मेलन :राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल और अयोध्या के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया था कि यह हमारे लिए गौरव का विषय है कि डॉ. हरिओम पंवार, सुदीपभोला, डॉ. अशोक बत्रा, राजेश चेतन, योगेन्द्र शर्मा, कमलेश मौर्य मृदु, डॉ. रुचि चतुर्वेदी, महेश शर्मा सहित भारत के 25 प्रांतों से लगभग 400 से अधिक राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिलब्ध कवियों का आगमन भगवान वाल्मीकि के जयंती पर अयोध्या में हो रहा है. राम की पैड़ी पर इस कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा.
साल 2006 में हुआ था राष्ट्रीय कवि संगम का गठन :राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल ने बताया कि राष्ट्रीय कवि संगम का गठन वाल्मीकि जयंती के अवसर पर वर्ष 2006 में किया गया. यह संगठन राष्ट्र जागरण को समर्पित है. देश के लगभग सभी प्रांतों और विश्व के आठ देशों में संगठन की पहुंच है. इस कार्य में शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि, वरिष्ठ साहित्यकार नरेन्द्र कोहली, रामायण धारावाहिक के संगीतकार- गीतकार रवीन्द्र जैन जैसी विभूतियों का भी संरक्षण मिलता रहा है. वर्तमान में इंद्रेश, स्वामी चिदानंद, राज्य सभा सांसद पं सुधांशु त्रिवेदी और सुप्रसिद्ध कवि डॉ. हरिओम पंवार का संरक्षण प्राप्त है.