फरीदाबाद :हरियाणा में आयोजित35वें सूरजकुंड मेले (Surajkund International Crafts Mela 2022 in haryana) में इस बार आंध्र प्रदेश के कलाकारों ने अपनी एक अलग जगह बनाई है. आंध्र प्रदेश के कलाकारों (andhra pradesh artist in surajkund mela) द्वारा लकड़ी पर की गई कलाकृति लोगों को बेहद पसंद आई है. कलाकारों के पास मूर्तियों से लेकर घर सजाने के कई सामान मौजूद हैं. आंध्र प्रदेश के कलाकारों ने नीम की लकड़ी पर कलाकृति बनाकर अपनी कला की महक पूरे सूरजकुंड में बिखेरी हुई है.
यहां 2 हजार रुपए से लेकर 4 लाख रुपए तक का सामान है आंध्र प्रदेश के स्टॉल पर घर सजाने के सामान से लेकर हिंदू देवी-देवताओं की लकड़ी से बनी मूर्तियां (andhra pradesh stall in surajkund mela) उपलब्ध हैं. यह मूर्तियां पूरी तरह से लकड़ी की बनी हैं. नीम की लकड़ियों पर तरह-तरह की नक्काशी और उनमें भरे रंग लोगों को काफी आकर्षित कर रही (andhra pradesh handicraft artist surajkund mela) हैं. आंध्र प्रदेश से आए हस्तशिल्प विनोद कुमार ने बताया कि वह हर बार सूरजकुंड मेले में आते हैं, लेकिन कोरोना के कारण दो साल से वह यहां नहीं आ रहे थे.
सूरजकुंड मेले में छाए आंध्र प्रदेश के कलाकार उन्होंने बताया कि इस बार के मेले में वह सभी प्रकार की मूर्तियां लेकर आए हैं. उनके पास आठ फीट की मूर्ति से लेकर घर में सजाने के लिए सामान उपलब्ध हैं. सामानों की कीमत 2000 रुपये से लेकर 4 लाख रुपये तक है. उन्होंने कहा कि लकड़ी पर ही हाथ से नक्काशी करके इन मूर्तियों और तस्वीरों को तराशा गया है. यह आंध्र प्रदेश की ही एक लोक कला है जिसको सूरजकुंड के मेले में वह प्रदर्शित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पत्थर की अपेक्षा लकड़ी पर कलाकृति बनाना आसान होता है और उसमें अच्छे से रंग भी भरे जाते हैं. पत्थर की कलाकृति से कहीं ज्यादा खूबसूरत लकड़ी की कलाकृति होती है.
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उन्होंने कहा कि घर में लकड़ी से बना सामान शुभ माना जाता है और नीम की लकड़ी पर कलाकृति बेहद अच्छी बनती है. मेले में केवल उन्हीं के पास नीम की प्योर लकड़ी से बनी कलाकृतियां हैं. उन्होंने कहा कि कलाकृति को बनाने में करीब एक हफ्ते का समय लग जाता है. कोरोना के समय में उनको कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, क्योंकि खरीददार मेले में ही ज्यादा मिलते हैं और कोरोना काल में वह मेले में नहीं पहुंच पाए थे. उनके साथ-साथ बहुत सारे कलाकारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन एक बार फिर से सब कुछ पहले जैसा होने लगा है और इस बात की उन्हें बेहद खुशी है.