आगराःजिले में पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद20 और 25 साल बाद दो थानों में एसिड अटैक (Agra acid attack FIR registered after two decades) के मामले दर्ज हुए हैं. बीते 6 जनवरी को सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा (civil society of agra) और छांव फाउंडेशन (Chhaon Foundation) के सदस्यों ने दोनों पीड़िताओं को लेकर पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह से उनके कार्यलय पर मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों संस्थाओं ने खुले में आसानी से बिकने वाले तेजाब को लेकर भी आपत्ति दर्ज करायी थी. दोनों पीड़िताओं की आपबीती सुनने के बाद पुलिस कमिश्नर ने थाना एत्मादौला और ताजगंज पुलिस को एसिड अटैक (acid attack) के मामले दर्ज कर जांच करने के आदेश जारी किये थे.
बहन के देवर ने फेंका था तेजाब
एत्मादौला थाना क्षेत्र में 20 साल बाद एसिड अटैक (acid attack) का मामला दर्ज कराने वाली पीड़िता का कहना है कि 'जब उस पर 2002 में एसिड अटैक (acid attack) हुआ था, तब उसकी उम्र 14 साल थी. अब पीड़िता 34 साल की है. पीड़िता 2002 में अपनी बहन की ससुराल अलीगढ़ गई थी, जहां बहन के देवर आरिफ पुत्र हनीफ ने उस पर एसिड फेंका था. इस एसिड हमले में पीड़िता का मुंह और अन्य अंग बुरी तरह झुलस गए थे, लेकिन परिजनों ने बहन का बसा-बसाया घर उजड़ने की दुहाई देकर पीड़िता को शांत कर दिया. अब संस्थाओं के समझाने पर एसिड सर्वाइवर पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ 20 साल बाद एसिड अटैक का मुकदमा दर्ज कराया है.