रायपुर: केंद्र सरकार के खिलाफ ट्रेड यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है. आज ट्रेड यूनियन की देशव्यापी हड़ताल है. हड़ताल में 25 करोड़ श्रमिकों के शामिल होने का दावा है. छत्तीसगढ़ में भी संगठनों ने देशव्यापी हड़ताल को समर्थन दिया. इससे कई सेक्टरों में कामकाज प्रभावित हो सकता है. श्रम संगठनों ने कोल इंडिया के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल का एलान किया है. श्रम संगठनों ने मोदी सरकार पर मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाया है. कोरबा जिले की सभी कोयला खदानें इससे प्रभावित होंगी.
इसके अलावा केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध जताने गुरुवार को किसान दिल्ली पहुंचेंगे. दिल्ली चलो के नारे के साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब से लाखों किसानों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है. इस बीच, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने संभावित हिंसा की आशंका से अपनी-अपनी सीमाओं को सील कर दिया है.
दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने हड़ताल बुलााई है. इनके संयुक्त फोरम ने इस बारे में संयुक्त बयान भी जारी किया है.
- इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक)
- ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक)
- हिंद मजदूर सभा (एचएमएस)
- सेंटर फार इंडियान ट्रेड यूनियंस (सीटू)
- ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी)
- ट्रेड यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर (टीयूसीसी)
- सेल्फ-एम्प्लॉइड वुमेन्स एसोसिएशन (सेवा)
- ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एआईसीसीटीयू)
- लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (एलपीएफ)
- यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (यूटीयूसी)
- एआईबीईए भी होगा शामिल
अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की 26 नवंबर में राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की है.
क्यों हो रही है हड़ताल ?