रायपुर: निलंबित सीनियर IPS जीपी सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. राजद्रोह और आय से अधिक संपत्ति में घिरे निलंबित IPS अधिकारी के खिलाफ अब 3 अलग-अलग मामलों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश के बाद बाकायदा अलग-अलग जांच अधिकारी भी नियुक्त कर दिए गए है. जिसमें एक स्पेशल DG के साथ ही दो IG रेंज के अफसरों को शामिल किया गया है.
सभी पुराने मामले, सालों बाद खुल रही फाइल
जिन तीन मामलों में जांच के आदेश दिए गए हैं वो सभी पुराने हैं. जिसकी फाइल लंबे समय बाद खुल रही है. एक मामले में सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक स्पेशल DG अशोक जुनेजा को जिम्मेदारी सौंपी गई हैं जबकि दूसरे मामले में रायपुर IG आनंद छाबड़ा और एक अन्य में दुर्ग रेंज आईजी विवेकानंद सिन्हा को जांच अधिकारी बनाया गया हैं.
नक्सलियों के 2 करोड़ हड़पने का आरोप
नक्सलियों की 2 करोड़ की राशि गबन करने का गंभीर आरोप निलंबित IPS अफसर जीपी सिंह पर लगा है. इस मामले में राज्य सरकार ने अब जांच के आदेश दे दिए हैं. जिसके लिए दुर्ग रेंज के विवेकानंद सिन्हा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है. राजनांदगांव के ज्ञानेंद्र यादव नामक एक व्यक्ति ने जीपी सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज की है. जिसमें लिखा है कि 2016 में जीपी सिंह दुर्ग रेंज के IG हुआ करते थे. उस दौरान पुलिस ने पहाड़ सिंह के पास से 2 करोड़ रुपये पकड़ा था. यह रकम नोटबंदी के दौरान नक्सली पहाड़ सिंह ने व्यापारियों को बदलने के लिए दिए थे. गिरफ्तारी के दौरान पहाड़ सिंह ने बताया था कि वह किन-किन व्यापारियों को नोट बदलने के लिए दिए हैं. IG जीपी सिंह ने उन व्यापारियों को फंसाने की धमकी देकर वह रकम वसूल लिए और फिर उसका गबन कर लिया. इस मामले में IG जीपी सिंह पर नक्सलियों के साथ सांठगांठ का भी आरोप लगाया है.
22 वर्षीय युवक ने जीपी के खिलाफ दर्ज की शिकायत
निलंबित IPS जीपी सिंह के खिलाफ सरकार ने जिस मामले की जांच करने के लिए स्पेशल डीजी अशोक जुनेजा को नियुक्त किया है. उस मामले की शिकायत 22 साल के एक युवक ने दर्ज कराई है. देवेंद्र नगर के रहने वाले दुर्लभ अग्रवाल ने शिकायत में लिखा है कि 2013 में उसके और उसके परिवार के साथ रायपुर एसपी ऑफिस में एसपी ओपी पाल और तत्कालीन DSP अर्चना झा की तरफ से हमला किया गया था. जिसकी शिकायत हुई तो IPS जीपी सिंह को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया. लेकिन इस मामले में IG जीपी सिंह ने बिना जांच किए ही मीडिया में यह बयान दिया कि उन्होंने CCTV देखा है. इसमें किसी तरह का अपराध नहीं हो रहा है.