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third wave of corona in chhattisgarh: कोरोना की तीसरी लहर के पीक की ओर बढ़ा छत्तीसगढ़, लगातार बढ़ रहा मौत का आंकड़ा

Corona infection death cases increased: रायपुर में कोरोना संक्रमण से हो रही मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. यह कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के पीक की ओर इशारा कर रहा है.

death cases due to corona infection increased in raipur
कोरोना की तीसरी लहर

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Published : Jan 20, 2022, 4:50 PM IST

Updated : Jan 20, 2022, 6:07 PM IST

रायपुरःछत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. ज्यादातर मरीज कुछ ही दिनों में ठीक हो रहे हैं. बावजूद इसके मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी चिंता का विषय है. प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा (corona death cases increased in raipur) है. यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही छत्तीसगढ़ में कोरोना की तीसरी लहर की पीक देखने को मिल सकती है. आसपास के कुछ राज्यों में संक्रमित मरीजों की संख्या कम होती दिख रही है. लेकिन छत्तीसगढ़ में संक्रमितों मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. इस बारे में ईटीवी भारत ने कोरोना आईसीयू डिपार्टमेंट हेड ओ पी सुंदरानी (Corona ICU Department Head OP Sundrani) से खास बातचीत की. आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ में कोरोना की मौजूदा स्थिति पर उनका क्या कहना है...

कोरोना की तीसरी लहर

सवालः प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के साथ मौत की संख्या भी बढ़ रही है ऐसे में पीक आने की संभावना कब?

जवाब: कोरोना पीक के बारे में एकदम समय बता पाना मुश्किल है. बहुत सारे संकेत पर यह निर्भर करता है. सिर्फ एक विषय का अध्ययन से यह नहीं बताया जा सकता कि पीक कब आएगा. कोरोना की बात करें तो पीक वायरस के व्यवहार और पब्लिक के व्यवहार पर निर्भर करता है. वायरस का व्यवहार हम बदल नहीं सकते. पब्लिक का व्यवहार बदला जा सकता है. कोरोना काफी खतरनाक वायरस है. अगर पब्लिक गाइडलाइन का पालन नहीं कर रही है और बाजार में घूम रही है तो यह बड़ी लापरवाही है. लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं. ऐसे में कोरोना तीसरी लहर का पीक जल्द आएगा और इसका ग्राफ भी काफी ऊपर होगा. लोगों को चाहिए की पूरी सतर्कता बरतें और सामाजिक दूरी का पालन करें. फिलहाल लोग तेजी के साथ संक्रमित हो रहे हैं और हॉस्पिटल में भर्ती हो रहे हैं. अंदेशा है कि आने वाले 10 दिनों में संक्रमण पीक पर होगा.

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सवालः जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए सैंपल्स में ओमीक्रोन के साथ-साथ डेल्टा और अन्य वेरिएंट के लक्षण भी नजर आ रहे हैं, ये कितना खतरनाक है?

जवाब: वायरस के हजारों म्यूटेशंस हैं. एक सीक्वेंस भी अगर बदल दिया जाए तो उसके कई म्यूटेशन हो सकते हैं. डेल्टा डाटा प्लस और ओमीक्रोन है. इसके अलावा और भी बहुत सारे म्यूटेशंस आगे होंगे और पहले भी हुए होंगे लेकिन वह हमारे लिए ज्यादा जरूरी नहीं है. सभी म्यूटेशंस का ट्रीटमेंट लगभग वही रहता है. जब तक ट्रीटमेंट सबका अलग ना हो, दूसरे किसी भी वेरिएंट के इलाज में खासी असुविधा नहीं होनी चाहिए.

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सवालः पिछले कुछ दिनों में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ी है. क्या डेल्टा, डेल्टा प्लस के वायरस अब भी मौजूद हैं?

जवाब: डेल्टा पूरी तरह से रिप्लेस नहीं हो सकता. उसका कुछ कण तो रहेगा ही. अब जो मौतें हो रही हैं, वह डेल्टा के कारण है या ओमीक्रोन के कारण? यह कहना थोड़ा मुश्किल है. अभी हम इसके परिणाम का इंतजार कर रहे हैं. यह बात अभी सामने आई है कि जो मौतें हो रही हैं, उसमें 80 फीसद से 90 फीसद ऐसे लोगों की मौत हो रही है, जो पहले से कई बीमारियों से ग्रसित थे. उन लोगों को कोरोना अभी हुआ और उनकी डेथ भी हुई. हमने कोरोना की दूसरी लहर में देखा था कि अचानक ऑक्सीजन लेवल डाउन हो जा रहा था. शुगर और बीपी वाले लोगों को संक्रमण तेज हो रहा था. राहत की बात है कि कम से कम ओमीक्रोन से लोगों की मौत की खबरें नहीं आ रही हैं.

Last Updated : Jan 20, 2022, 6:07 PM IST

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